बाराबंकी में सरयू की तबाही रोकने के लिए 25 करोड़ की कार्ययोजना, हेतमापुर धाम और तटबंधों को बचाने की तैयारी
बाराबंकी में सरयू नदी के कटान से तबाह हुए गांवों को बचाने के लिए 25 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की ...और पढ़ें
-1793119274690_m.webp)
HighLights
सरयू कटान रोकने को 25 करोड़ की कार्ययोजना तैयार।
हेतमापुर धाम और 70 घर नदी में बहे।
चहलारीघाट-गणेशपुर तटबंध की सुरक्षा को प्राथमिकता।
संवादसूत्र, बाराबंकी। सरयू नदी के कटान से तबाह हुए रामनगर, सिरौलीगौसपुर व राम सनेहीघाट के गांवों को बचाने के लिए बाढ़ कार्य खंड ने 25 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की है। प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है, मंजूरी मिलते ही काम शुरू होगा। हेतमापुर धाम और 70 घर बहे, बाबा नारायणदास मंदिर बाल-बाल बचा। इस बार की बाढ़ में रामनगर क्षेत्र के हेतमापुर गांव में सबसे ज्यादा तबाही हुई। सरयू के कटान से गांव की कृषि भूमि के साथ करीब 70 पक्के घर नदी में समा गए।
प्राचीन बाबा नारायणदास मंदिर तक नदी पहुंच गई, बरामदे के नीचे कटान हो गया। बाढ़ खंड की टीम ने ईंटों से भरी बोरियां, गैबियन में बोल्डर पत्थर डालकर किसी तरह मंदिर को बचाया। बाढ़ समाप्त होने बाद पांच संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां बाढ़ से बचाव काम होगा, उन स्थानों हेतमापुर गांव व मंदिर बचाने का काम प्रमुख है। यहां नदी के दबाव को रोकने के लिए पत्थरों के स्टड और जीओ बैग की दीवार बनाई जाएगी।
पोरक्यूपाइन लगाकर धारा को मोड़ा जाएगा। कुसौरा में चहलारीघाट-गणेशपुर तटबंध के पास नदी तटबंध के बेहद करीब आ गई है। तटबंध को बचाने के लिए पत्थरों की पिचिंग की जाएगी। सिरौलीगौसपुर के बबुरी गांव व तेलवारी में भी कटान हुई है। तेलवारी की जमीन पहले ही कट चुकी है। यहां जीओ बैग और स्क्रीनिंग का काम होगा। रामसनेहीघाट के खेतासराय व चिर्रा के इन गांवों को बचाने के लिए जीओ बैग और परक्यूपाइन लगाए जाएंगे।
अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंड शशिकांत सिंह ने बताया कि प्रस्ताव में चहलारीघाट-गणेशपुर तटबंध पर कटाव निरोधक कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। यह तटबंध 8250 की आबादी और 7622 हेक्टेयर खेतों की सुरक्षा करता है। शासन से स्वीकृति मिलते ही बरसात से पहले सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे।
