विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अब बिना e-KYC के नहीं मिलेगा काम, ‘जी-राम-जी’ में रजिस्टर्ड श्रमिकों को ही दिया जाएगा रोजगार

Published: Thu, 05 Feb 2026 04:17 PM (GMT+05:30)

बाराबंकी ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को पारदर्शी बनाने में अग्रणी है। 'जी-राम-जी' लागू होने से पहले, जिले में 81% जॉब कार्ड ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. बाराबंकी जी-राम-जी ई-केवाईसी में प्रदेश में प्रथम स्थान पर

  2. 81% जॉब कार्ड धारकों ने चेहरा प्रमाणीकरण आधारित ई-केवाईसी कराई

  3. बिना ई-केवाईसी के श्रमिकों को ग्रामीण रोजगार नहीं मिलेगा

संवाद सूत्र, बाराबंकी। ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में विकसित भारत ‘जी-राम-जी’ लागू होने से पहले चेहरा प्रमाणीकरण आधारित श्रमिकों की ई-केवाईसी हो रही है। अब तक 81 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर जिला प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। जिन मजदूरों ने ई-केवाईसी करा ली है, वही काम पाने के हकदार होंगे। शासन से निर्देश हुए हैं, वे मजदूर काम नहीं मांग पाएंगे, जिन्होंने आनलाइन सत्यापन नहीं कराया है।

जिले में 1155 ग्राम पंचायतों में सक्रिय जाबकार्ड धारक दो लाख 52 हजार 911 हैं। सभी का चेहरा प्रमाणीकरण आधारित श्रमिकों की उपस्थिति (ई-केवाईसी) होनी है। अब तक राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (एनएमएमएस) एप पर दो लाख पांच हजार श्रमिकों का डाटा अपलोड हो चुका है, जो प्रदेश में अव्वल है।

दूसरे पर ललितपुर और तीसरे स्थान पर मऊ है। निर्देश हैं कि जिन श्रमिकों की केवाईसी हो जाएगी, उन्हीं को जी राम जी में काम मिलेगा या वे मांग कर पाएंगे। बिना केवाईसी के किसी भी मजदूर को कार्य नहीं मिलेगा। बाराबंकी में 81 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया है।

प्रतिदिन लग रही 28 हजार श्रमिकों को आनलाइन उपस्थिति

विकसित भारत ‘जी-राम-जी’ लागू होने से पहले चेहरा प्रमाणीकरण आधारित श्रमिकों की उपस्थिति केंद्र सरकार यूपी में बाराबंकी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत कर रही है। यह ट्रायल 22 जनवरी से शुरू हुआ था। उस समय जिले की 637 ग्राम पंचायतों के 1319 मस्टर रोल पर करीब 18 हजार श्रमिकों की आनलाइन हाजिरी दर्ज की गई थी।

यह भी पढ़ें- CM कंपोजिट स्कूल शैक्षिक विकास के लिए अहम कदम, 25 करोड़ से बन रहे विद्यालय से मिलेगी आधुनिक शिक्षा

अब यह आकड़ा 957 ग्राम पंचायतों में पहुंच गया है। प्रतिदिन 28 हजार से अधिक मजदूरों की नये वर्जन का एनएमएमएस एप से आनलाइन हाजिरी भरी जा रही है। इसमें श्रमिक की आंख की पुतली और चेहरे की स्कैनिंग कर उपस्थिति दर्ज हो रही है। कार्यस्थल पर श्रमिक को मोबाइल कैमरे के सामने खड़ाकर स्कैन किया जा रहा। चार से पांच बार पलक झपकते ही स्वतः फोटो कैप्चर कर मस्टर रोल में दर्ज विवरण से मिला कर एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) उपस्थिति दर्ज कर रहा है।


ऐसे श्रमिक ही जी राम जी में काम मांग सकते हैं, जिनकी ई-केवाइसी हो गई है। अब तक जिले में 81 प्रतिशत मजदूरों ने केवाईसी करा ली है। बिना सत्यापन के मजदूर रोजगार पाने के हकदार नहीं होंगे। - ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, उपायुक्त स्वत: रोजगार।