जागरण संवाददाता, बांदा : तिदवारी ब्लाक की ग्राम पंचायत वासिलपुर में वीडीओ ने विकास कार्यों के नाम पर जमकर फर्जीवाड़ा किया। प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर लाखों का भुगतान बिना कार्य ही करा लिया। प्राथमिक जांच में दोषी मिलने पर सीडीओ ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीडीओ) को जांच सौंपी है। डीडीओ ने वीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी की है।

सहकारी क्रय विक्रय समिति जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिपाठी ने 25 नवंबर को मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। उन्होंने कहा था कि विकास खंड तिदवारी की ग्राम पंचायत वासिलपुर में ग्राम विकास अधिकारी पुष्पा प्रियदर्शनी की तैनाती है। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय में बाउंड्रीवाल, संतोष का शेल्डर कार्य, राममिलन का ग्रेट शेल्डर कार्य सहित मुख्य सड़क से शंकर जी के स्थान तक खड़ंजा का कार्य दिखाया है। इन कार्यों में करीब एक करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान कराया गया है। जबकि मौके पर कोई कार्य नहीं हुआ है या फिर पूर्व में कराया गया है। कहा कि प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर खाते से धनराशि कई बार में निकाली गई। फर्जी बिल बाउचर लगाए गए हैं। मामले की जांच पूर्व में लघु सिचाई के एई और डीसी मनरेगा ने की, जिसमें शिकायत सही होने की पुष्टि की गई थी। उन्होंने डीएम से भ्रष्ट वीडीओ के खिलाफ जांच और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इस पर डीएम के आदेश पर सीडीओ ने मामले की जांच प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी व जिला विकास अधिकारी डा.रवि किशोर त्रिवेदी की सौंपी है।

जिला विकास अधिकारी डा.रविकिशोर त्रिवेदी ने बताया कि वीडीओ पुष्पा प्रियदर्शनी को कारण बताओ नोटिस दी गई है। तीन दिन में साक्ष्यों के साथ जवाब मांगा गया है। संतोष जनक जवाब न दिए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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