जागरण संवाददाता बांदा : वर्तमान में कोरोना से बचाव का एकमात्र उपाय टीकाकरण ही है। टीका लगवाने से शरीर में कोरोना के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) विकसित होती है। टीका लिए हुए व्यक्ति को कोरोना वायरस गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा सकता। संक्रमण में कमी जरूर आई है, लेकिन संकट अभी टला नहीं है। यह बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीके तिवारी ने शहर के आजाद नगर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान कहीं।

सीएमओ ने कहा कि दिशा-निर्देशों व बार-बार अपील के बाद भी बाजारों, पर्यटक स्थलों व शादी समारोहों सहित कई अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लोग कोरोना नियमों को दरकिनार कर रहे हैं। लोगों की लापरवाही खुद पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में कोरोना को लेकर जारी गाइड लाइन का सख्ती से पालन करें। उन्होंने लोगों से मास्क लगाने तथा शारीरिक दूरी का पालन करने को कहा। उन्होंने बताया कि जनपद में अभी तक 3.74 लाख से ज्यादा टीकाकरण हो चुका है, लेकिन यह काफी नहीं है। सीएमओ के निरीक्षण के दौरान शहरी स्वास्थ्य समन्वयक प्रेमचंद्र पाल, केंद्र प्रभारी रितांबरा गौतम, स्टाफ नर्स नेहा व कल्पना सहित स्टाफ के अन्य लोग मौजूद रहे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एमसी पाल ने बताया कि जनपद में शनिवार को 17 केंद्रों पर 27 सत्र आयोजित किए गए। दोपहर तीन बजे तक 2387 लोगों ने टीके लगवाए। उन्होंने बताया कि जनपद में 11.56 लाख आबादी को प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य है। अब तक 6325 हेल्थ केयर वर्कर्स ने पहली और 5065 ने दूसरी डोज लगवा चुके हैं। 5668 फ्रंट लाइन वर्कर्स ने पहली तथा 4401 ने दूसरी डोज ली है। इसी तरह 45 से अधिक आयु वाले करीब 1.88 लाख ने पहली और 18 से 44 वर्ष तक आयु के युवाओं में करीब 1.74 लाख ने प्रथम डोज लगवा ली है।

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