जागरण संवाददाता, बांदा : सरकारी विभाग अब सामग्री खरीद में गोलमाल नहीं कर सकेंगे। जिलाधिकारी ने सभी सरकारी विभागाध्यक्षों से सरकार द्वारा हाल ही में लांच किए गए जेम पोर्टल के माध्यम से खरीददारी करने के निर्देश दिए हैं। इस पोर्टल के माध्यम से व्यापारी रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अपने उत्पाद आसानी से बेंच सकेंगे। उन्हें समय से पूरा आनलाइन भुगतान होगा।

जिलाधिकारी हीरालाल ने यहां अपना चार्ज संभालते ही सख्त तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा है कि अब सरकारी विभाग कोई भी सामग्री खरीदने के लिए जेम (गवर्नमेंट ई-मार्केट) पोर्टल का उपयोग करेंगे। बता दें कि सरकारी खरीद के लिए जेम पोर्टल सरकार ने लांच किया है। सरकारी विभाग 50 हजार रुपये के मूल्य तक की सामग्री की खरीददारी त्वरित व पारदर्शी तरीके से करे सकेंगे। जेम पोर्टल एक तरह से ऑनलाइन ई-मार्केट प्लेस है। पहले चरण में सरकारी कार्यालय 50 हजार रुपये तक की खरीददारी इस पोर्टल के जरिए करेंगे। 50 हजार से 30 लाख तक की खरीददारी निविदा के माध्यम से होगी।

इस प्रणाली से खरीद होने के बाद विक्रेता को भुगतान के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा, बल्कि सामग्री मिलने के 10 दिनों के अंदर खरीददार द्वारा ष्टक्त्रन्ष्ट (खरीद प्रमाणपत्र) जारी नहीं किए जाने पर मूल्यांकित राशि का 80 फीसद स्वत: विक्रेता के खाते में चली जाएगी। अगले 30 दिन के बाद शेष 20 प्रतिशत राशि भी विक्रेता को मिल जाएगी। पोर्टल में छोटे व बड़े व्यापारी रजिस्ट्रेशन कराने के बाद आसानी से अपने उत्पादों को बेंच सकते हैं। इसमें व्यापारियों को अपने सामान की गुणवत्ता, गारंटी और रेट सरकार के सामने रखना होता है। इसमें आम आदमी सस्ते सामान आसानी से खरीद सकता है। कोई भी सरकारी व गैर सरकारी संस्थाएं जिन्हें व्यापारियों से टेंडर लेना पड़ता है इसमें उस प्रक्रिया की जरूरत नहीं है। जेम पोर्टल में रजिस्ट्रेशन के लिए व्यापारियों को एक बहुत ही आसान प्रक्रिया से गुजरना होगा। जीएसटी, पैन, बैंक अकाउंट व आधार नंबर लगाना होगा। डीएम ने कहा है कि इस प्रक्रिया के अलावा सामग्री खरीदने पर अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे।

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