बांदा के नवाब टैंक में जल्द थिरकेंगी जलधाराएं, पानी के पर्दे पर दिखेगा बुंदेलखंड का गौरव!
बांदा के ऐतिहासिक नवाब टैंक में 9.50 करोड़ रुपये की लागत से बना म्यूजिकल फाउंटेन तैयार है, जिसका ट्रायल भी सफल रहा है।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
नवाब टैंक में 9.50 करोड़ का म्यूजिकल फाउंटेन तैयार।
पानी के पर्दे पर दिखेगी बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत।
विद्युत कनेक्शन मिलते ही 10-15 दिन में होगा शुरू।
जागरण संवाददाता, बांदा। ऐतिहासिक नवाब टैंक में जल्द ही पानी की लहरों पर रंग-बिरंगी रोशनी बिखरेगी और संगीत की धुन पर जलधाराएं थिरकती नजर आएंगी। बुंदेलखंड के इतिहास, ऐतिहासिक धरोहरों और महापुरुषों की गाथा अब पानी के पर्दे पर जागृत होगीं।
करीब 9.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार म्यूजिकल फाउंटेन का काम पूरा हो चुका है। ट्रायल भी सफलतापूर्वक किया जा चुका है। अब केवल विद्युत कनेक्शन मिलने का इंतजार है।
इसके लिए कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, चित्रकूट को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है। कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी होते ही 10 से 15 दिन में फाउंटेन शुरू होने की उम्मीद है। नरैनी रोड स्थित नवाब टैंक शहर की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है।
यहां म्यूजिकल फाउंटेन शुरू होने से इसकी खूबसूरती में चार चांद लगेंगे। जल, ध्वनि और प्रकाश के संगम से तैयार होने वाला यह आकर्षण स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी लुभाएगा। खास बात यह है कि दर्शक पानी की स्क्रीन पर बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को देख सकेंगे। संगीत की लय के साथ ऊपर उठती जल धाराएं और बदलते रंग इस अनुभव को खास बनाएंगे।
विद्युत कनेक्शन के लिए मद का इंतजार
परियोजना का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी फाउंटेन का संचालन विद्युत कनेक्शन के अभाव में अटका है। इसके लिए करीब 3500 किलोवाट क्षमता के कनेक्शन की जरूरत बताई गई है। कार्यदायी संस्था ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी चित्रकूट डी. के. शर्मा को पत्र भेजकर इसके लिए अनुमति और बजट की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।
विद्युत कनेक्शन के लिए अलग से बजट मद उपलब्ध नहीं होने के कारण पर्यटन विभाग से धनराशि देने अथवा परियोजना के 9.50 करोड़ रुपये के बजट में शामिल पांच वर्ष के रखरखाव मद से खर्च की व्यवस्था करने का विकल्प रखा गया है। अब संबंधित विभागों के स्तर पर निर्णय होने के बाद ही फाउंटेन का नियमित संचालन शुरू हो सकेगा।
पानी के पर्दे पर दिखेगा बुंदेलखंड का गौरव
फाउंटेन में 50 से अधिक वाटर स्क्रीन लगाई गई हैं। इन पर प्रोजेक्टर के माध्यम से चित्र और दृश्य दिखाए जाएंगे। पानी की धाराओं से बनने वाले पर्दे पर कालिंजर दुर्ग, चित्रकूट की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत, महर्षि वामदेव और बुंदेलखंड के इतिहास से जुड़ी झलकियां प्रदर्शित करने की योजना है।
संगीत के साथ इन दृश्यों का प्रदर्शन दर्शकों को मनोरंजन के साथ क्षेत्र की विरासत से भी परिचित कराएगा। इस तरह फाउंटेन केवल सजावटी आकर्षण नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की पहचान को प्रदर्शित करने का माध्यम भी बनेगा।
लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क जैसा आकर्षण
इस परियोजना का काम हैदराबाद की प्रीमियर वर्ल्ड कंपनी ने किया है। कंपनी लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में भी फाउंटेन स्थापित कर चुकी है। नवाब टैंक में परियोजना का काम 14 अप्रैल 2025 को शुरू हुआ था और इसे 14 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।
हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नौ जुलाई को बांदा आगमन के दौरान इसका लोकार्पण कर दिया गया था। इसके बाद भी संचालन संबंधी तैयारियां पूरी की गईं, लेकिन विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया शेष रह गई।
18वीं शताब्दी में नवाब अली बहादुर द्वारा बनवाया गया नवाब टैंक शहर की ऐतिहासिक पहचान का हिस्सा है। म्यूजिकल फाउंटेन शुरू होने से इस स्थल को नया पर्यटन आकर्षण मिलने की उम्मीद है। अब निगाहें विद्युत कनेक्शन की मंजूरी पर टिकी हैं, जिसके बाद बांदा के लोगों को रोशनी, संगीत और जलधाराओं का अनूठा नजारा देखने को मिल सकेगा।
म्यूजिकल फाउंटेन शुरू होने से जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यह स्थानीय लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। इसे जल्द शुरू कराने के लिए पर्यटन विभाग से समन्वय कर विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था कराई जाएगी।
अमित आसेरी, जिलाधिकारी बांदा
