जागरण संवाददाता, बांदा : नौ माह से लापता बालक को पुलिस ने महोबा जनपद के गहरा गांव से सकुशल बरामद किया है।

उसके लापता होने पर स्वजन ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। जबकि बरामद बच्चे ने खुद से एक लड़के साथ जाना बताया है। पुलिस ने बरामद बच्चे को स्वजन के हवाले किया है।

देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ड़ाडिन पुरवा निवासी सुखलाल की पुत्री रोशनी ने अपने दस वर्षीय भाई श्याम बाबू के अपहरण की रिपोर्ट आइ मार्च को कोतवाली में दर्ज कराई थी। बहन ने चाचा पर घटना करने का आरोप लगाया था। एसपी अभिनंदन के निर्देश पर कोतवाली निरीक्षक राजीव यादव अपह्त बालक की तलाश में टीम के साथ जुटे थे। बच्चे को बरामद करने के लिए पुलिस ने कई जगह दबिश भी दी थी। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लापता बालक महोबा जिले के कबरई थाना अतंगर्त गहरा गांव में है। सीओ सिटी राकेश कुमार सिंह व कोतवाली निरीक्षक के निर्देश पर एसआइ रमेश कुमार हमराहियों के साथ बताए गए स्थान पर गहरा गांव गए। जहां वह बरामद हुआ है। कोतवाली निरीक्षक ने बताया कि बरामद बालक से पूछने पर उसने बताया कि वह खुद अपनी मर्जी से गया था। दो दिन संकट मोचन मंदिर शहर, जसपुरा व तिदवारी में जितेंद्र नाम के लड़के के साथ रहा है। जितेंद्र भी गहरा गांव का है।

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पेशबंदी में कराया मुकदमा, जुड़वा होने से पुलिस हुई गुमराह

बांदा : बालक श्यामबाबू के बारामद होने के बाद पुलिस ने बताया कि उसके पिता के विरुद्ध चाचा ने जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें पिता को जेल भेजा गया था। उसी पेशबंदी में बालक के अपहरण का मुकदमा चाचा के विरुद्ध दर्ज कराया गया था। पुलिस के बरामद करने के बाद बालक श्याम बाबू ने अपने जुड़वा होने का भी फायदा उठाया। उसने अपना नाम रामबाबू बता दिया। इससे पुलिस भी एकबारगी फोटो से मिलान करने में चकरा गई। जबकि उसके घर जाने पर पुलिस को रामबाबू खेलते मिला। दोनों को आमने-सामने खड़ा कर पुलिस ने स्वजन से पहचान कराई है।

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Edited By: Jagran