जागरण संवाददाता, बांदा: बुंदेलखंड में दलहन- तिलहन सहित रबी की किसानी को समृद्ध बनाने को इस साल सवा नौ लाख हेक्टेअर से अधिक रकबे में विभिन्न फसलें बोई जाएंगी। इनमें गेहूं , चना, मटर व मसूर जैसी फसलों को प्रमुखता दी गई है।

बुंदेलखंड कृषि प्रधान इलाका है। यहां मुख्य रूप से रबी व खरीफ की फसलें पैदा होती हैं। खेतों में खरीफ फसलें लहलहा रही हैं। इसी बीच रबी की तैयारियां शुरू हो गयी हैं। किसान जहां खाद- बीज के इंतजाम में लगे हैं। वहीं कृषि विभाग ने कार्य योजना जारी कर फसलवार लक्ष्य तय कर दिए हैं। अकेले चित्रकूट धाम मंडल में नौ लाख 33 हजार 683 हेक्टेअर में गेहूं, चना, मटर, मसूर, सरसो, अलसी, तोरिया व जौ जैसी फसलें बोई जाएंगी। मंडल में इस साल बांदा में सबसे ज्यादा रकबा गेहूं व चना के लिए रखा गया है। इस जिले में गेहूं एक लाख 62 हजार 716 हेक्टेअर व चना 91 हजार 679 हेक्टेअर में बोए जाने का लक्ष्य है। हमीरपुर में 110919 हेक्टेअर, चित्रकूट में 50049 हेक्टेअर व महोबा में 72169 हेक्टेअर में बोया जाएगा। चने की बात करें तो बांदा के किसान 91679 हेक्टेअर, हमीरपुर के 80663 हेक्टेअर, चित्रकूट में 44981 हेक्टेअर व महोबा में 62797 हेक्टेअर में चना की बोआई करेंगे। फसलवार आच्छादन की स्थिति देखें तो बांदा में सबसे ज्यादा गेहूं, चना व महोबा में अलसी एवं मटर के लिए क्रमश: 10043 हेक्टेअर व 37402 हेक्टेअर रखा गया है। जो अन्य जिलों की तुलना में आच्छादन लक्ष्य अधिक बताया जा रहा है।

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सरसों सबसे ज्यादा हमीरपुर में

बांदा: तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरसों की पैदावार बेहद अहम हो गयी है। वैसे तो पूरे चित्रकूट धाम मंडल में सरसो की पैदावार होती है। रबी में इस बार सबसे ज्यादा सरसो उत्पादन का रकबा हमीरपुर के लिए रखा गया है। हमीरपुर में 15670 हेक्टेअर, महोबा में 7202 हेक्टेअर, बांदा में 2971 हेक्टेअर एवं चित्रकूट में 2368 हेक्टेअर में राई- सरसो की बोआई होगी।

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- मंडल में रबी का फसलवार आच्छादन लक्ष्य कृषि विभाग ने जारी कर दिया है। समय से फसलों की किसान बोआई कर लें इसके लिए खाद- बीज का इंतजाम भी कर लिया गया है। उमेश कटियार, संयुक्त कृषि निदेशक चित्रकूट धाम मंडल

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सारिणी-

जनपद वार आच्छादन( हेक्टेअर में)

जिला आच्छादन

बांदा 3,10,435

हमीरपुर 2,59,585

चित्रकूट 1,30,095

महोबा 2,33,568

योग 9,33,683

Edited By: Jagran