महोबा में दो कोल्डड्रिंक फर्मों पर SIB टीम की रेड, 94 लाख की जीएसटी चोरी पकड़ी
महोबा में जीएसटी की विशेष जांच शाखा (एसआईबी) ने दो बड़ी कोल्डड्रिंक विक्रेता फर्मों पर कार्रवाई करते हुए 94.08 लाख रुपये की कर चोरी पकड़ी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
महोबा की दो कोल्डड्रिंक फर्मों पर जीएसटी चोरी पकड़ी गई।
विशेष जांच शाखा ने 94.08 लाख रुपये की कर चोरी का खुलासा किया।
विभाग ने 69.50 लाख रुपये की वसूली की, जुर्माना भी लगेगा।
जागरण संवाददाता, बांदा। जीएसटी की विशेष जांच शाखा एसआईबी ने महोबा में दो बड़ी कोल्डड्रिंक विक्रेता फर्मों पर कार्रवाई करते हुए 94.08 लाख रुपये की कर चोरी पकड़ी है। जांच पूरी होने के बाद विभाग ने दोनों फर्मों पर रिकवरी की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।
ज्वाइंट कमिश्नर के निर्देश पर जुलाई-अगस्त में एसआईबी टीम ने महोबा की फर्मों के रिकार्ड खंगाले थे। सुपा तिराहा स्थित आशीष एजेंसी में 26 अगस्त को छापेमारी हुई। टीम को खरीद के मुकाबले करीब 1.23 करोड़ का कोल्डड्रिंक स्टाक कम मिला। बिक्री के बाद विवरण जीएसटी रिटर्न में नहीं दिखाया गया था। इस पर 49.50 लाख की कर देनदारी तय की गई।
इसी क्रम में पांच सितंबर को कृष्णा एजेंसी की जांच हुई। यहां भी करीब 50 लाख रुपये मूल्य का स्टाक कम पाया गया, जिस पर करीब 20 लाख की कर चोरी सामने आई। इसके अलावा वेस्टेज माल पर 24.58 लाख का इनपुट टैक्स क्रेडिट वापस न करने का मामला मिला। इस तरह इस फर्म पर कुल 44.58 लाख की चोरी पकड़ी गई।
डिप्टी कमिश्नर जीएसटी बांदा अवध कुमार पटेल ने बताया कि कर जीएसटी चोरी की धनराशि के साथ 15 प्रतिशत जुर्माना भी जमा करना होगा। समय से जमा न करने पर ब्याज भी लगेगा। अब तक दोनों फर्मों ने 69.50 लाख रुपये जमा कर दिए हैं।
आशीष एजेंसी ने पूरी 49.50 लाख की राशि जमा कर दी है, जबकि कृष्णा एजेंसी ने 20 लाख जमा किए हैं। शेष 24.58 लाख का आईटीसी अभी वापस लेना बाकी है। यह कार्रवाई जीएसटी बांदा एवं एसआईबी प्रभारी संतोष वर्मा के निर्देशन में हुई। टीम में डिप्टी कमिश्नर अवध कुमार पटेल, असिस्टेंट कमिश्नर प्रशांत सिंह, राज्य कर अधिकारी सुमित कुमार, राजकुमार गुप्ता व आदित्य नारायण शामिल रहे।
