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यूपी में ई-केवाईसी न कराने पर एक अक्टूबर से महंगा मिलेगा गैस सिलिंडर, सब्सिडी से भी होंगे वंचित

Published: Mon, 21 Sep 2026 03:33 PM (IST)

बांदा जिले में रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य हो गई। 1 अक्टूबर से सब्सिडी बंद होगी और सिलिंडर बाजार मूल्य पर मिलेगा।

ई-केवाईसी न कराने पर अगले माह से बाजार भाव पर मिलेगा सिलिंडर।

ई-केवाईसी न कराने पर अगले माह से बाजार भाव पर मिलेगा सिलिंडर।

HighLights

  1. 1 अक्टूबर से ई-केवाईसी न होने पर सब्सिडी बंद।

  2. बांदा में 1.94 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी लंबित।

  3. फर्जी कनेक्शन रोकने को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य।

जागरण संवाददाता, बांदा। जिले में रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है। केवाईसी न कराने पर अब सब्सिडी तो रुकेगी ही, जल्द ही आपको बाजार निर्धारित मूल्य पर सिलिंडर लेना पड़ेगा। जिले में अभी भी करीब दो लाख उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी नहीं कराई है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के नए नियम एक अक्टूबर से लागू हो रहे हैं। सिलिंडर पर मिलने वाली करीब 210 रुपये की सब्सिडी आनी बंद हो जाएगी। रिफिल बाजार के निर्धारित मूल्य पर मिलेगी। जिले में कुल 4.06 लाख एलपीजी कनेक्शन धारक हैं। इनमें इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम तीनों कंपनियों के उपभोक्ता शामिल हैं।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक सिर्फ 2.12 लाख उपभोक्ताओं ने ही अपनी ई-केवाईसी पूरी कराई है, जबकि 1.94 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी भी पेंडिंग है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी गैस एजेंसियों को इसको लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

एजेंसियों को कहा गया है कि जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी पेंडिंग है, उन्हें फोन कर, मैसेज भेजकर जल्द से जल्द केवाईसी कराने के लिए प्रेरित करें। जिला पूर्ति विभाग के अनुसार शासन के नए नियमों के तहत सभी एलपीजी कनेक्शन धारकों का बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण कराना होगा। यानी ई-केवाईसी न होने पर सब्सिडी बंद हो जाएगी।

फर्जी व डबल कनेक्शन स्वत: हो जाएंगे बंद

ई-केवाईसी या बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण करवाने को लेकर मंत्रालय की मनसा है कि फर्जी और डबल कनेक्शन को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाए। कई जगह एक ही व्यक्ति के नाम पर दो कनेक्शन या मृत व्यक्तियों के नाम पर कनेक्शन चल रहे हैं, ई-केवाईसी से ऐसे कनेक्शन स्वत: बंद हो जाएंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों की गति धीमी

ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कम होने से गति धीमी है। सबसे ज्यादा पेंडेंसी नरैनी, बबेरू और अतर्रा क्षेत्र की एजेंसियों में है। यदि तय समय तक ई-केवाईसी नहीं कराई गई तो कनेक्शन को होल्ड कर दिया जाएगा। जिसमें 1000 रुपये के बाजार भाव पर सिलिंडर लेना पड़ेगा, जबकि सब्सिडी वाला सिलिंडर अभी 840 रुपये के आसपास मिल रहा है।

जिले के सभी एजेंसियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कर उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी करवाएं। उन्हें एक अक्टूबर से सब्सिडी बंद होने के बारे में भी बताएं। -कयामुद्दीन अंसारी, जिला पूर्ति अधिकारी, बांदा।

गैस एजेंसी नहीं जा पा रहे तो ऐसे कराएं ई-केवाईसी

1. स्वयं मोबाइल से करें

  • अपने गैस कनेक्शन के अनुसार इंडियन गैस के लिए इंडियन आयल वन, भारत गैस के लिए हेलो बीपीसीएल या भारत गैस ऐप एचपी के लिए एचपी पे ऐप डाउनलोड करें।
  • ऐप में अपना कस्टमर आईडी/रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालकर लागिन करें।
  • होम पेज पर ई-केवाईसी का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें।
  • अपना आधार नंबर डालें, आधार से लिंक मोबाइल पर ओटीपी आएगा, ओटीपी डालकर वेरिफाई करें।
  • फेस आथेंटिकेशन के लिए कैमरे से अपनी फोटो कैप्चर करें। दो मिनट में केवाईसी पूरी हो जाएगी।

2. ग्राहक सेवा केंद्र (सीएससी/जनसेवा केंद्र) से‌

  • अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र या सीएससी पर जाएं।
  • साथ में आधार कार्ड, गैस कनेक्शन की पासबुक या कनेक्शन नंबर और आधार से लिंक मोबाइल ले जाएं।
  • सीएससी संचालक गैस कंपनी की वेबसाइट पर आपका आधार आथेंटिकेशन करेगा।
  • बायोमेट्रिक/ओटीपी से वेरिफिकेशन होते ही पर्ची मिल जाएगी। इसका कोई शुल्क नहीं लगता है।

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