जागरण संवाददाता, बांदा : शहर के शांतीनगर मोहल्ला में लोगों ने जलभराव और पीने के पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि गर्मी की शुरुआत हो गई है। पीने के पानी की समस्या गहराने लगी है। कई दशक बीत जाने के बावजूद आज तक जल संस्थान ने पाइप लाइन तक नहीं बिछाई है। लोग हैंडपंप या सबमर्सिबल के सहारे प्यास बुझाने को विवश हैं। जिन घरों में यह व्यवस्था नहीं है, वह दूर इलाके से पानी लाकर प्यास बुझाता है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द पेयजल और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन होगा।

गर्मी बढ़ने के साथ मोहल्लों में पेयजल की किल्लत बढ़ने लगी है। शांतीनगर में पेयजल की भारी समस्या है। कुछ लोगों ने अपने घरों पर सबमर्सिबल लगा लिए हैं। वहीं तीन चार हैंडपंपों के सहारे मोहल्ले की प्यास बुझती है। लोगों का कहना है कि करीब बीस साल से आबादी रह रही है। लेकिन विकास से कोसों दूर हैं। कुछ स्थानों पर सीसी मार्ग का निर्माण हुआ तो उसमें भी मानकों से खिलवाड़ किया गया। घरों से निकला पानी नालियों और सड़कों पर भरा रहता है। पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। सिर्फ गर्मियों की तो बात दूर बारिश के दिनों में भी लोगों के प्रथम तल तक पानी भरा रहता है। कुछ दिनों से लोग आंदोलित हैं। सोमवार से लोग अशोक लाट पर धरना देकर समस्या के निराकरण की मांग कर रहे हैं। बुधवार को प्रशासन ने समस्या के निराकरण का आश्वासन भी दिया है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि यदि समस्या दूर नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इस मौके पर बाबू ¨सह कछवाह, अनुरुद्ध, संतोष, अजीत, नरेंद्र, रमेश गुप्ता आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

By Jagran