जागरण संवाददाता, बांदा : बुजुर्ग ज्ञान की निधि बांटकर परिवार को ही नहीं, बल्कि समाज को दिशा प्रदान करते हैं। परिवार के उत्थान व देश के विकास में शक्ति पुंज सिद्ध होते हैं। यह बातें प्रधानाचार्य डा.शशि मिश्रा ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर आयोजित समारोह में कहीं।

प्रधानाचार्य ने सरस्वती की वंदना व दीप प्रज्जवलन के साथ समारोह का शुभारंभ किया। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत व सरस्वती गीत प्रस्तुत किया। मन की बात कार्यक्रम के तहत बुजुर्ग अभिभावकों ने अपने संस्मरण साझा किया। नई पीढ़ी को कर्म करने का संदेश दिया। डा.शशि मिश्रा ने कहा कि आज संयुक्त परिवार बिखर रहे हैं। नई पीढ़ी संस्कारों को भूल रही है। ऐसे समय में ऐसे समारोहों की जरूरत है। वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव, युवा वर्ग की ऊर्जा अर्थात दोनों की आपसी समझ एक उत्तम समाज का निर्माण करेगी। संदेश पत्रिका में बुजुर्गों ने हस्ताक्षर किए। विद्यालय की छात्राओं ने लोकगीत व भजन पेश कर कार्यक्रम को विशेष बना दिया। विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के दादा-दादी व नाना-नानी को सम्मानित किया गया। इस मौके पर शिक्षिका नीलम, कमला रानी, सोनिया, सहदेव, महेश्वरी, प्रेमनारायण, शिवबरन, राजाराम, ब्रजमान आदि मौजूद रहे।

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