जागरण संवाददाता, बांदा: वैध टिकट होते हुए यात्री की जबरन रसीद बनाने के मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग ने टीटीई को दोषी ठहराया है। जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा किए गए जुर्माने को वैध ठहराया है। राज्य उपभोक्ता आयोग के आदेश के बाद रेलवे ने जुर्माने की राशि टीटीई के वेतन से काटे जाने के आदेश दिए हैं। नीरज कुमार मंडल वाणिज्य प्रबंधक झांसी ने स्टेशन प्रबंधक बीपी वर्मा को भेजे गए आदेश में कहा है कि सुभाष चंद्र चौरसिया 29 सितम्बर 2006 को महाकौशल एक्सप्रेस में दिल्ली के लिए यात्रा कर रहे थे। उनका आरोप है कि ट्रेन जैसे ही महोबा स्टेशन से आगे बढ़ी तभी टीटीई केवी लाल उनके पास आए और टिकट मांगा। 135 रुपए का वैध टिकट दिखाने के बाद भी टीटीई ने उनकी जबरन 260 रुपए की रसीद बना दी। कहा कि वह यह पैसा नहीं देंगे तो उन्हें बिना टिकट चलने पर गिरफ्तार कर दिया जाएगा। इसके बाद उन्होंने टीटीई को काटी गई रसीद की धनराशि दे दी। यात्री ने इसके विरुद्ध जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। जिला फोरम ने वाद व्यय, क्षतिपूर्ति समेत 6360 रुपए का जुर्माना किया। जिसके विरुद्ध रेलवे ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की। लेकिन आयोग ने भी जिला उपभोक्ता फोरम के आदेश को सही ठहराया है। ऐसी स्थिति में जुर्माने की राशि टीटीई के वेतन से कटौती कर कार्यालय को भेजी जाए। साथ ही मुख्य टिकट निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वह चे¨कग के दौरान पूरी सावधानी बरतें। किसी भी यात्री को गलत तरीके से परेशान न किया जाए।

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