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यूपी रोडवेज की बस को धक्का देकर PET अभ्यर्थियों ने स्टार्ट की, दौड़ लगाकर पहुंचे परीक्षा केंद्र

Published: Mon, 26 Oct 2026 01:19 PM (IST)

बांदा में पीईटी परीक्षा के दौरान परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे दूसरे जिलों से आए परीक्षार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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HighLights

  1. पीईटी परीक्षार्थियों को परिवहन अव्यवस्था से जूझना पड़ा।

  2. खराब सड़कों और जाम से बसें देरी से पहुंचीं।

  3. परीक्षार्थियों ने बस को धक्का देकर स्टार्ट कराया।

जागरण संवाददाता, बांदा। शहर में आयोजित पीईटी परीक्षा में दूसरे जिलों से शामिल होने आए परीक्षार्थियों को समय से केंद्र तक पहुंचाने में परिवहन व यातायात व्यवस्था पूरी तरह फेल रही।

जर्जर हाईवे और शहर में जाम के चलते देरी से बस स्टैंड पहुंचे परीक्षार्थी ज्यादा किराया देकर केंद्र पहुंचे और 100 मीटर पहले खड़े ई-रिक्शा से उतरकर दौड़ लगाकर किसी तरह परीक्षा केंद्र में प्रवेश पा सके।

रविवार को पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से थी। केंद्र में 9.30 तक ही प्रवेश होना था। प्रयागराज, कौशांबी, महोबा से आए अभ्यर्थियों की रोडवेज बसें खराब सड़कों और जाम में फंसने से करीब एक घंटे देरी से पहुंचीं।

अभ्यर्थियों को दौड़ लगाकर पहुंचना पड़ा केंद्र

तिंदवारी के पास बांदा-टांडा हाईवे में फतेहपुर व कौशांबी से आईं रोडवेज बसें नौ बजे के बाद पहुंचीं। जबकि प्रवेश सुबह 9.30 बजे तक ही होना था। बस स्टैंड से पंडित जेएन पीजी कॉलेज व खानकाह के लिए ई-रिक्शा चालकों ने 100 से 200 रुपये तक किराया लिया।

कई ई-रिक्शा चालक केंद्र से 100 मीटर पहले ही सवारी उतार दे रहे थे, जिससे परीक्षार्थियों को बैग टांगे दौड़ लगाकर केंद्र तक पहुंचना पड़ा।

परीक्षा देने के बाद भी उनकी परेशानी कम नहीं हुई। थके हुए परीक्षार्थी जब बस स्टैंड पहुंचे तो वहां खड़ी महोबा डिपो की रोडवेज बस स्टार्ट नहीं हो रही थी। चंद कदम की दूरी के लिए जहां पहले 10 रुपये लगते थे, वहां ई-रिक्शा वालों ने 20 रुपये वसूले।

रोडवेज बस को धक्का देकर स्टार्ट करना पड़ा

बस स्टैंड पर पहुंचने पर अभ्यर्थियों को रोडवेज बस को धक्का देकर स्टार्ट कराना पड़ा। युवा परीक्षार्थी बैग टांगे बस को धक्का लगाते नजर आए। परीक्षार्थियों ने बताया कि बसों में खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी और ऊपर से बस खराब हो गई। परिवहन विभाग की लापरवाही से उन्हें भारी दिक्कत हुई।

रोडवेज बस स्टैंड में हेल्पडेस्क न होने व बसों की जानकारी के लिए एनाउंसमेंट न होने से परीक्षार्थियों को भटकना पड़ा। उधर स्टेशन में ट्रेनों में चढ़ने के दाैरान धक्का-मुक्की व अफरा-तफरी का माहौल रहा।

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तिंदवारी में हाईवे खराब होने व फिर शहर में जाम लगने से समय लग गया। बस स्टैंड से पंडित जेएन कालेज तक के लिए 100 रुपये देना पड़ा। 100 मीटर पहले ही उतार दिया। बैग टांगे दौड़ लगाकर किसी तरह पहुंचे।

सुशील कुमार, परीक्षार्थी, कौशांबी

बस स्टैंड पर रोडवेज बस स्टार्ट नहीं हो रही थी। धक्का देकर बस स्टार्ट कराई। आते समय भी खड़े होकर आना पड़ा। थोड़ी सी दूरी के लिए रिक्शा वाले 20 रुपये वसूले, जबकि 10 रुपये ही लगता है।

विष्णुदत्त द्विवेदी, परीक्षार्थी, प्रयागराज

रोडवेज बस यदि महोबा डिपो की है तो वहां के एआरएम को संज्ञान लेना चाहिए कि ऐसी बसें क्यों संचालित कर रहे हैं। बांदा डिपो की सभी बसें तुरंत स्टार्ट हो रही हैं। बसों को समय से 20-20 मिनट में हर रूट में भेजा गया है।

देशराज, एआरएम