पढ़ाई के साथ रोजगार की तैयारी, बांदा के स्कूलों में मिलेगी स्किल ट्रेनिंग; कौशल में निपुण होंगे छात्र
माध्यमिक विद्यालयों में अब छात्रों को पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल सिखाए जाएंगे ताकि वे भविष्य के लिए तैयार हो ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी।
221 राजकीय व एडेड स्कूलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा।
एग्रीकल्चर, डाटा एंट्री जैसे रोजगारपरक कोर्स सिखाए जाएंगे।
जागरण संवाददाता, बांदा। माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को अब व्यावसायिक शिक्षा देकर उन्हें रोजगार से जुड़े कौशल में भी परांगत किया जाएगा। ताकि वह अध्ययन के साथ-साथ बेराेजगार की दिशा में भी दक्ष हो सके। इन छात्रों को कौशल में निपुण करने के लिए प्रशिक्षकों की तैनाती भी की जाएगी। छात्र आगे की पढ़ाई के साथ रोजगार, स्वरोजगार और कौशल आधारित प्रशिक्षण लेकर भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
मंडल के चारों जिलों के 542 माध्यमिक विद्यालयों में 2,13,450 बच्चे अध्ययनरत हैं। इनमें से राजकीय व एडेड के 221 कॉलेज हैं। राजकीय और सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में अब विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगार से जुड़े कौशल भी सिखाए जाएंगे। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में मंडल के 142 राजकीय व 79 एडेड माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक (वोकेशनल) शिक्षा शुरू की जाएगी। विद्यार्थियों को प्रतिदिन एक घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि सप्ताह में छह घंटे व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य होगी।
एग्रीकल्चर, डाटा एंट्री, रिटेल, फाइनेंस समेत कई रोजगारपरक क्षेत्रों से जुड़े कोर्स पढ़ाए जाएंगे। प्रशिक्षण में केवल किताबों की पढ़ाई नहीं होगी, बल्कि व्यावहारिक जानकारी और काम करने का तरीका भी सिखाया जाएगा। विद्यार्थियों में नई तकनीकी और व्यावसायिक दक्षता विकसित होगी। इससे वे आगे की पढ़ाई के साथ रोजगार, स्वरोजगार व कौशल आधारित प्रशिक्षण से रूबरू होकर अपने भविष्य को बेहतर तरीके से तैयार कर सकेंगे। उन्हें बेरोजगारी का दंस नहीं झेलना पड़ेगा।
तैनात होंगे व्यावसायिक प्रशिक्षक
विद्यालयों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से दो-दो व्यावसायिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति दी जाएगी। यह प्रशिक्षक प्रतिदिन एक घंटे रोजगार से जुड़े कौशल एग्रीकल्चर, डाटा एंट्री, रिटेल, फाइनेंस समेत कई रोजगारपरक क्षेत्रों से जुड़े कोर्स पढ़ाएगें। इसके लिए प्रत्येक प्रशिक्षक को 15 हजार प्रतिमाह पारिश्रमिक मिलेगा।
कम से कम 25 छात्रों को हाेना अनिवार्य
किसी ट्रेड को शुरू करने के लिए कम से कम 25 विद्यार्थियों का प्रवेश होना जरूरी होगा। नौवीं से 12वीं तक की कक्षाओं में संचालित व्यावसायिक शिक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। छात्रों को ट्रेड चुनने के विकल्प भी दिए जाएंगे। लेकिन ट्रेड तभी शुरू हो पाएंगे जब एक कक्षा के लिए कम से छात्रों की संख्या 25 या उससे अधिक होगी। 100 से अधिक होने पर दूसरे शिफ्ट की भी व्यवस्था की जाएगी।
अब राजकीय व एडेड कालेजों में प्रतिदिन एक घंटे रोजगार से जुड़े कौशल एग्रीकल्चर, डाटा एंट्री, रिटेल, फाइनेंस समेत कई रोजगारपरक क्षेत्रों से जुड़े कोर्स पढ़ाए जाने की जानकारी हुई है। शासनादेश के अनुरूप इस संबंध में बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश देकर व्यवस्थित संचालन करवाया जाएगा। -राजू राणा, संयुक्त शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, चित्रकूट धाम मंडल, बांदा
