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बांदा में जहरीली गैस ने छीनी जिंदगियां, बोर का पंखा बनाने कुएं में उतरे दो लोगों की हुई मौत

Published: Sat, 22 Aug 2026 09:59 AM (IST)

बांदा में सूखे कुएं में बोर का पंखा ठीक करते समय जहरीली गैस की चपेट में आने से एक बटाईदार ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. बांदा में कुएं में जहरीली गैस से दो मौतें।

  2. बोर का पंखा ठीक करते समय हुआ यह हादसा।

  3. मृतकों में बटाईदार और खेत मालिक का बेटा शामिल।

जागरण संवाददाता, बांदा। सूखे कुएं में बोर का पंखा बनाने के लिए 17 फिट नीचे उतरे बटाईदार व खेत मालिक के पुत्र की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। कुंए से दोनों किसानों को निकालने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाना पड़ा। 20 फिट गहरे कुएं में पुलिस ने तीन घंटे बाद रेस्क्यू करके दोनों को रस्सी के सहारे कुएं से बाहर निकालकर पीएचसी बिसंडा पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के पीछे मीथेन गैस के प्रभाव से घटना होने का कारण माना जा रहा है। बिसंडा थाना क्षेत्र के अजीतपारा गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे शिवनारायण सिंह के खेत में बने बोरवेल कुएं में लगी मोटर का पंखा खराब हो गया। जिसको बनाने के लिए खेत मालिक शिवनारायण बटाईदार 45 वर्षीय लालू नीचे कुएं में उतरे तो वह जहरीली गैस की चपेट में आने से अचेत होकर करीब 20 फीट नीचे बोर के चेंबर पर गिर गए।

बटाईदार की चीख सुनकर वहां उपस्थित खेत मालिक का पुत्र 44 वर्षीय कृष्ण कुमार बचाने के लिए रस्सी के सहारे बोरवेल में नीचे उतरा तो वह भी जहरीली गैस की चपेट में आकर अचेत होकर वहीं चेंबर के ऊपर गिर गया। कुछ देर बाद पास के खेतों मे काम कर रहे अन्य किसानों ने उनको नहीं देखा तो खोजबीन शुरू हुई। जब बोर में उन्होंने झांक कर देखा तो दोनों अचेत अवस्था में पड़े मिले।

इससे ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। इससे सीओ कृष्णकांत त्रिपाठी व चौकी इंचार्ज गौरव मिश्रा, डायल 112 कर्मियों ने रेस्क्यू शुरू कराया। लेकिन सूचना मिलने के बाद कच्चा कीचड़ भरा रास्ता होने से करीब डेढ़ घंटे बाद बटाईदार व खेत मालिक के पुत्र को रस्सी से बाहर निकाला गया। जिन्हें बाद में एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिसंडा भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने पहले लालू को मृत घोषित कर दिया।

बाद में कृष्ण कुमार को मृत घोषित किया। लेकिन स्वजन उसके जीवित होने की आशंका पर उसे रानी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल ले गए। जहां बाद में उसे भी चिकित्सकों ने मृत घोषित किया। सीओ ने बताया कि दोनों किसानों की मौत प्रथम दृष्टया जहरीली मीथेन गैस की चपेट में आने से प्रतीत हो रही है। ग्रामीणों ने पहले उनकी हालत ठीक होने की सूचना दी थी । तुरंत रेस्क्यू कर उन्हें बचाने का प्रयास किया गया है।

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