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बांदा स्टेशन का होगा मेगा विस्तार, अब 2 नहीं बल्कि 5 प्लेटफार्म से दौड़ेंगी ट्रेनें; 4329 करोड़ के प्रोजेक्ट को हरी झंडी

Published: Wed, 01 Jul 2026 09:40 PM (IST)

बांदा रेलवे स्टेशन का 4,329 करोड़ रुपये की लागत से बड़ा विस्तार होगा, जिसमें मौजूदा दो प्लेटफार्मों की संख्या बढ़कर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बांदा स्टेशन पर बनेंगे तीन नए प्लेटफार्म।

  2. प्लेटफार्म दो का विस्तार 400 से 600 मीटर।

  3. 4329 करोड़ रुपये का मेगा विस्तार प्रोजेक्ट।

जागरण संवाददाता, बांदा। बुंदेलखंड के रेलवे नेटवर्क को नई मजबूती देने की दिशा में बांदा रेलवे स्टेशन का अब तक का सबसे बड़ा विस्तार होने जा रहा है। 4,329 करोड़ रुपये की झांसी-मानिकपुर एवं खैरार-भीमसेन दोहरीकरण परियोजना के साथ बांदा रेलवे स्टेशन पर तीन नए प्लेटफार्म भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा मौजूदा प्लेटफार्म संख्या-दो का विस्तार कर उसकी लंबाई 400 मीटर से बढ़ाकर 600 मीटर की जाएगी। इस कार्य की टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है और रेलवे जल्द निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी में है।

वर्तमान में बांदा रेलवे स्टेशन पर केवल दो प्लेटफार्म हैं। इनमें प्लेटफार्म संख्या-एक की लंबाई 743 मीटर है, जबकि प्लेटफार्म संख्या-दो मात्र 400 मीटर लंबा है। प्लेटफार्म-दो छोटा होने के कारण लंबी ट्रेनों के सभी डिब्बे प्लेटफार्म पर नहीं आ पाते, जिससे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में परेशानी होती है। साथ ही एक साथ अधिक ट्रेनों के संचालन की सुविधा भी नहीं होने से कई बार ट्रेनों को आउटर या लूप लाइन पर इंतजार करना पड़ता है।

बांदा रेलवे स्टेशन से वर्तमान में नियमित एवं साप्ताहिक मिलाकर 34 ट्रेनें संचालित होती हैं। प्रतिदिन करीब पांच हजार जनरल टिकटों की बिक्री होती है। लगातार बढ़ती यात्रियों की संख्या और ट्रेनों में पड़ रहे दबाव को देखते हुए स्टेशन के विस्तार की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। रेलवे की दोहरीकरण योजना के तहत 600 मीटर लंबाई और 11 मीटर चौड़ाई वाले तीन नए प्लेटफार्म बनाए जाएंगे।

इनमें से दो प्लेटफार्म वर्तमान प्लेटफार्म संख्या-दो के पास बस स्टैंड एवं सिविल लाइंस की ओर बनाए जाएंगे, जबकि एक नया प्लेटफार्म पीलीकोठी (सिटी साइड) की ओर वर्तमान प्लेटफार्म संख्या-एक के समानांतर विकसित किया जाएगा। साथ ही प्लेटफार्म संख्या-दो का विस्तार कर उसे भी 600 मीटर लंबा बनाया जाएगा। इन कार्यों के पूरा होने के बाद बांदा रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्मों की संख्या दो से बढ़कर पांच हो जाएगी।

इससे लंबी दूरी की ट्रेनों को प्लेटफार्म उपलब्ध कराने में आसानी होगी। एक साथ कई ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा और ट्रेनों की क्रासिंग व ओवरटेकिंग में लगने वाला समय भी कम होगा। इसका सीधा असर ट्रेनों की समय पालन व्यवस्था पर पड़ेगा।

रेलखंड की क्षमता बढ़ेगी

स्टेशन विस्तार का सबसे बड़ा लाभ यात्रियों को मिलेगा। लंबा प्लेटफार्म होने से पूरी ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी हो सकेगी, जिससे किसी भी डिब्बे से सुरक्षित चढ़ने-उतरने में सुविधा होगी। भीड़ का दबाव अलग-अलग प्लेटफार्मों पर बंटेगा और यात्रियों को ट्रेनों के इंतजार में कम परेशानी होगी। यह परियोजना केवल बांदा स्टेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बुंदेलखंड के विकास से जुड़ी है। दोहरीकरण पूरा होने के बाद इस रेलखंड की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

व्यापारिक गतिविधियों को भी होगा फायदा

मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का संचालन अधिक तेज और सुचारु होगा। इससे बांदा, चित्रकूट, महोबा और आसपास के क्षेत्रों के कृषि उत्पाद, पत्थर उद्योग, खनिज संसाधनों तथा अन्य व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। रेल संपर्क मजबूत होने से चित्रकूट, कालिंजर दुर्ग और बुंदेलखंड के अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंचना भी आसान होगा। जानकारों का मानना है कि भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन और महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। परियोजना पूरी होने के बाद बांदा रेलवे स्टेशन बुंदेलखंड के सबसे आधुनिक और अधिक क्षमता वाले रेलवे स्टेशनों में शामिल हो जाएगा।

अभी बांदा स्टेशन पर सिर्फ दो प्लेटफार्म होने से कई बार ट्रेनों के संचालन में दिक्कत आती है। प्लेटफार्मों की संख्या बढ़ने और दोहरीकरण पूरा होने के बाद एक साथ अधिक ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा। इससे ट्रेनों के समयपालन में सुधार आएगा और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए स्टेशन की क्षमता भी काफी बढ़ जाएगी।
-अनिरुद्ध कुमार, डीआरएम- झांसी मंडल


बांदा बुंदेलखंड का महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। यहां यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्टेशन विस्तार के बाद यात्रियों को ट्रेनों में चढ़ने-उतरने में अधिक सुविधा मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
- शशिकांत त्रिपाठी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज

 

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