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कोडीनयुक्त कफ सीरप तस्करी मामले में एक्शन, अवैध कारोबार से जुड़ी संपत्तियां खंगालेगी बांदा पुलिस

Published: Mon, 14 Sep 2026 05:42 AM (IST)

बांदा पुलिस कोडीनयुक्त कफ सीरप के अवैध कारोबार में शामिल आरोपियों की संपत्तियों की जांच करेगी। जांच में आरोपियों के ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. पुलिस कोडीनयुक्त कफ सीरप के अवैध कारोबार की जांच करेगी।

  2. आरोपियों की जमीन, मकान, दुकान जैसी संपत्तियों का पता लगाया जाएगा।

  3. संपत्ति खरीद के लिए रकम के स्रोत की पड़ताल होगी।

जागरण संवाददाता, बांदा। कोडीनयुक्त कफ सीरप का अवैध कारोबार करने वाले आरोपितों की संपत्तियों का पता पुलिस लगाएगी। जांच के दायरे में आरोपितों के नाम दर्ज जमीन, मकान, दुकान और अन्य संपत्तियों को शामिल किया गया है। संपत्ति कब खरीदी गई, किसके नाम दर्ज है और उसके भुगतान के लिए रकम कहां से आई, इसकी जांच होगी।

संपत्ति खरीद के समय आरोपित की आय और कारोबार का भी मिलान किया जाएगा। यदि किसी संपत्ति की कीमत आरोपित की आय से अधिक मिलती है तो अतिरिक्त रकम के स्रोत की पड़ताल की जाएगी। पुलिस यह देखेगी कि पहली और दूसरी खेप से जुड़े कारोबार में रकम किन लोगों तक पहुंची और बाद में उनके नाम पर कोई संपत्ति खरीदी गई या नहीं।

बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और सतना में खेप पहुंचने की जानकारी के आधार पर इन जिलों में आरोपितों से जुड़ी संपत्तियों और लेनदेन का भी ब्योरा जुटाया जाएगा। तीन सितंबर को बिसंडा के पुनाहुर के पास तीन करोड़ रुपये की 30 हजार शीशियों से लदा मिनी ट्रक पकड़ा था।

इससे पहले भी करीब तीन-तीन करोड़ रुपये की दो खेप खपाए जाने की जानकारी सामने आई है। कुल मिलाकर करीब नौ करोड़ रुपये के सीरप कारोबार की कड़ियां पुलिस को मिली हैं। पांच आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं और पूछताछ में 10 से 15 लोगों के नेटवर्क की जानकारी मिली है।

सीरप की पहली और दूसरी खेप बांदा के अलावा चित्रकूट, हमीरपुर और मध्य प्रदेश के सतना तक भेजी गई थी। पुलिस यह पता लगाएगी कि तीनों खेपों की बिक्री से कितनी रकम जुटी और इस रकम से आरोपितों ने कहां-कहां संपत्तियां खरीदीं। एसपी पलाश बंसल ने स्पष्ट किया है कि आरोपितों की संपत्तियों का पूरा विवरण तलाशा जाएगा। टीमें जांच कर रही हैं।

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