स्कूली छात्राओं ने एक दिन के लिए संभाली अफसरों की कुर्सी, लोगों की सुनी फरियाद; व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश
नवरात्र पर मिशन शक्ति के तहत बांदा में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं ने एक दिन के लिए विभिन्न प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी संभाली।

जसपुरा थाने की प्रभारी की कुर्सी पर बैठकर सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू रखने के निर्देश देतीं छात्रा कामनी सोनक
HighLights
मिशन शक्ति में छात्राओं ने एक दिन के लिए संभाली अफसरों की कुर्सी।
कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने और काम निपटाने के निर्देश।
व्यवस्था सुधारने, समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर दिया जोर।
जागरण संवाददाता, बांदा। सुबह के 10 बजते ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में छात्रा अंशू सिंह ने कर्मचारियों की उपस्थिति और विभागीय कामकाज की जानकारी लेनी शुरू कर दी। उन्होंने निर्देश दिए कि अवकाश के दिनों को छोड़कर सभी कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंचें और विभागीय कार्य समय से निपटाएं।
नियमित रूप से देर से आने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी। नवरात्र पर मिशन शक्ति के तहत मंगलवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं ने एक दिन के लिए विभिन्न प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी संभाली। अफसरों की कुर्सी पर बैठकर उन्होंने कामकाज समझने के साथ व्यवस्थाओं में सुधार और आमजन की समस्याओं के समय से निस्तारण पर जोर दिया।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बड़ोखर खुर्द की कक्षा आठ की छात्रा अंशू सिंह को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाया गया। बीएसए अव्यक्त राम तिवारी ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। अंशू ने कर्मचारियों को समय से कार्यालय पहुंचने और विभागीय कार्यों का नियमित निस्तारण करने के निर्देश दिए।

बच्चों ने अधिकारियों को दिए निर्देश
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बबेरू की कक्षा आठ की छात्रा सुलेखा विश्वकर्मा ने खंड शिक्षा अधिकारी बबेरू की भूमिका निभाई। उन्होंने परिवार रजिस्टर और पेंशन संबंधी कार्यों को समय से निपटाने पर जोर दिया, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कमासिन की कक्षा आठ की छात्रा आयुषी को थानाध्यक्ष कमासिन बनाया गया। उन्होंने कहा कि फरियादियों की शिकायतें समय से सुनी जाएं। तहरीर देने के बाद मुकदमा दर्ज कराने के लिए किसी को बार-बार थाने न आना पड़े। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तिंदवारी की कक्षा छह की छात्रा काजल को विद्यालय की वार्डन बनाया गया।
उन्होंने छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बिसंडा की कक्षा आठ की छात्रा प्राची को राजकीय बालिका इंटर कालेज बिसंडा का प्रधानाचार्य बनाया गया। उन्होंने शिक्षकों को समय से कक्षाओं में पहुंचकर पढ़ाने के निर्देश दिए। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय महुआ की कक्षा आठ की छात्रा वंशिका गुप्ता ने खंड विकास अधिकारी महुआ की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने विकासखंड के कार्यों को समय से पूरा करने और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया।
कामनी सोनकर ने संभाली थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नरैनी की छात्रा अंशिका ने तहसीलदार की भूमिका निभाई। उन्होंने सभी राजस्व वादों का समय से निस्तारण करने और लेखपालों को गांवों का भ्रमण कर राजस्व संबंधी समस्याएं हल करने के निर्देश दिए। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जसपुरा की कक्षा आठ की छात्रा कामनी सोनकर ने थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।
उन्होंने थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को 24 घंटे चालू रखने पर जोर दिया। छात्राओं ने विद्यालयों में रंग-रोगन कराने और व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत भी बताई।
बीएसए अव्यक्त राम तिवारी ने बताया कि छात्राओं का चयन उनके नजदीकी विद्यालयों से बुलाकर एक दिन के लिए अलग-अलग पदों की जिम्मेदारी दी गई। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता विकसित करना है।
