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Festival 2026: त्योहारी सीजन में मेवा के दामों में उछाल, बादाम 200 तो पिस्ता 500 रुपये तक महंगा

Published: Wed, 07 Oct 2026 03:35 PM (IST)

त्योहारी सीजन शुरू होते ही बांदा के किराना बाजार में सूखे मेवों के दाम 100 से 700 रुपये प्रति किलो ...और पढ़ें

त्योहारी सीजन में मेवा के दामों में उछाल।

त्योहारी सीजन में मेवा के दामों में उछाल।

HighLights

  1. त्योहारी सीजन में सूखे मेवों के दाम 100-700 रुपये बढ़े।

  2. बादाम, पिस्ता, काजू के भावों में भारी उछाल दर्ज।

  3. कम आवक और त्योहारी मांग दाम बढ़ने का कारण।

जागरण संवाददाता, बांदा। नवरात्र, दशहरा व दीपावली का त्योहारी सीजन शुरू होते ही शहर के किराना बाजार में सूखे मेवे के दामों में भारी उछाल आ गया है। बादाम, पिस्ता, काजू, इलायची, छुआरा और अखरोट के भाव पिछले एक पखवाड़े में 100 से 700 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, जिससे त्योहार की तैयारियों में जुटे आम ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

शहर के मुख्य चौक बाजार, गुरहा कुआं और सब्जी मंडी स्थित थोक किराना बाजार के व्यापारियों के अनुसार सबसे ज्यादा तेजी पिस्ता और बादाम में आई है। आवक कम होने और बाहरी मंडियों में दाम बढ़ने से स्थानीय बाजार में भी तेजी बनी हुई है।

व्यापारियों के मुताबिक जो बादाम 15 दिन पहले 850 रुपये किलो बिक रहा था, वह अब 1050 रुपये किलो तक पहुंच गया है। इसी तरह नमकीन पिस्ता 1100 रुपये से बढ़कर 1300 रुपये और सादा पिस्ता तो 2300 रुपये से सीधे 2800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। काजू के दाम भी 900 रुपये से बढ़कर 1100 रुपये किलो हो गए हैं।

पूजा-पाठ में ज्यादा उपयोग होने वाली छोटी इलायची के भाव में भी 300 रुपये की बढ़ोतरी हुई है और अब यह 4000 रुपये प्रति किलो बिक रही है। छुआरा 380 से बढ़कर 450 रुपये, अखरोट 900 से बढ़कर 1100 रुपये और गरी गोला 400 से बढ़कर 450 रुपये किलो बिक रहा है।

किशमिश के दाम भी 280 से बढ़कर 350 रुपये हो गए हैं। दाम बढ़ने की वजह थोक व्यापारी खाड़ी देशों से आयात कम होना और त्योहारी मांग बढ़ना बता रहे हैं। खुदरा व्यापारियों का कहना है कि नवरात्र में उपवास और भोग के लिए मेवे की मांग बढ़ जाती है, वहीं आगे शादियों का सीजन भी है, इसलिए थोक में ही भाव चढ़े हुए हैं।

त्योहार आते ही मेवा के दाम आग पकड़ लेते हैं। बच्चों के लिए थोड़े बादाम-काजू लेने गई थी, दाम सुनकर आधा ही लेना पड़ा। गरीब और मध्यम वर्ग के लिए तो अब मेवा खरीदना मुश्किल हो गया है।

सुनीता गुप्ता, गृहिणी, अलीगंज

पहले नवरात्रि पर पंजीरी और हलवे में खूब मेवा डालते थे, अब जेब देखकर डालना पड़ रहा है। पिस्ता तो 4800 रुपये किलो हो गया है, सोचा था दीपावली पर डिब्बा देंगे, लेकिन इतने महंगे दाम में कैसे होगा। पूनम, गृहिणी, कैलाशपुरी

ईरान और अफगानिस्तान से पिस्ता-बादाम की खेप कम आई है। डालर मजबूत होने से आयात महंगा हो गया है। त्योहार पर डिमांड ज्यादा है, इसलिए रेट बढ़े हैं। दीपावली तक और तेजी रहने की संभावना है।

राजेश कुमार अग्रवाल, थोक व्यापारी, चौक बाजार

हम खुद महंगा ला रहे हैं तो महंगा बेचना पड़ रहा है। ग्राहक दाम सुनकर कम मात्रा में ले रहा है। पहले एक किलो लेने वाला अब आधा किलो ही ले रहा है। हमारा धंधा भी मंदा पड़ गया है।

मो. इरफान, खुदरा व्यापारी, गुरहा कुआं 

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