Codeine Syrup Smuggling: बांदा में तीन करोड़ की कोडीनयुक्त सीरप की खेप पकड़ी, पहले भी ला चुके थे छह करोड़ से ज्यादा का माल
बांदा में एसटीएफ ने तीन करोड़ रुपये की कोडीनयुक्त कफ सीरप की बड़ी खेप पकड़ी, जिसमें चार अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार ...और पढ़ें

कोडीनयुक्त कफ सीरप के साथ गिरफ्तार किए गए अंतर राज्यीय चारों तस्कर व बरामद माल। पुलिस
HighLights
एसटीएफ ने बांदा में तीन करोड़ का सीरप पकड़ा।
चार अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार।
दिल्ली से लाकर यूपी-एमपी में बेचते थे सीरप।
जागरण संवाददाता, बांदा। अवैध तीन करोड़ की कोडीनयुक्त सीरप की बड़ी खेप लाने में पकड़े गए अंतरराज्यीय तस्कर पहले भी दो बार छह करोड़ से ज्यादा का सीरप लाकर यूपी व एमपी के जनपदों में बिक्री कर चुके थे। एसटीएफ की कार्रवाई से नशे के कारोबार से जुड़े तस्करों की परतें खुल रही हैं। इसमें छह माह पहले भी फरार मास्टर माइंड स्थानीय पुलिस की जांच के घेर में आय था। लेकिन तब सीरप बरामद न होने से वह बच निकला था।
पुलिस फरार मास्टर माइंड के मध्य प्रदेश में बने गोदाम का पता लगा रही है। जिसका पता पकड़े गए आरोपित नहीं बता पाए हैं। फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए एसओजी समेत तीन टीमें गठित की गई हैं। जो उसकी गिरफ्तारी के लिए सुरागरसी कर रही हैं। उधर गिरफ्तार हुए अंतरराज्यीय चारों आरोपित तस्करों को पुलिस ने जेल भेजा है। जेल जाने के पहले पकड़े गए आरोपितों ने एसटीएफ और पुलिस को बताया है कि कोडीनयुक्त कफ सीरप व दिल्ली और हिमाचल प्रदेश से करते रहे हैं। इससे एसटीएफ उनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।
दिल्ली से लाकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप की तस्करी करने वाले चार सदस्यों को एसटीएफ ने गुरुवार सुबह बिसंडा थाना के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पुनाहुर गांव के पास से गिरफ्तार करते हुए गिरोह का राजफाश किया था। आरोपितों के कब्जे से तीन करोड़ के 30 हजार शीशियां अवैध कफ सीरप, मिनी ट्रक, कार, 53 हजार रुपये और मोबाइल फोन बरामद किया था।
पकड़ा गया मिनी ट्रक चालक शेखर हापुड़ जिले के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के मैना गांव का निवासी है। साथ में पकड़े गए लोगों में कार सवार बिसंडा थाना क्षेत्र के नाहर पुरवा निवासी धीरेंद्र, अतर्रा थाना क्षेत्र की लखन कालोनी निवासी प्रवीण उर्फ लकी और रामलीला रोड निवासी रोहित शामिल है। गिरोह का सरगना अतर्रा निवासी प्रियांशु गुप्ता फरार है। उसकी भी तलाश चल रही है। पुलिस की गठित टीमों ने अभी तक फरार आरोपित के आधा ठिकानों में दबिश दी है। उसका कहीं कुछ पता नहीं चला है।
एसटीएफ इंस्पेक्टर जय प्रकाश राय ने बताया कि दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ से कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप की तस्करी बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में किए जाने की जानकारी मिल रही थी। जिसमें कार्रवाई की गई तो सीरप की शीशियों से भरी 250 पेटियां मिली थीं। जिनको वैन में ही रखकर सील कराया गया है।
गिरफ्तार आरोपितों ने दिल्ली की गणेश फार्मा कंपनी से सीरप खरीद वेबिल व जीएसटी के कागजात दिखाए थे। साथ ही हमीरपुर की निष्प्रयोज्य फर्म ओम मेडिकल एजेंसी के नाम से इनवाइस बिल भी बनवाया था। तस्कर नशे के रूप में प्रयोग होने वाले अवैध कफ सीरप की खेप उसी की आड़ में पहुंचाते थे। मेडिकल स्टोर की बजाय रैपर को बदलकर महंगे दाम पर बेचते थे। मुनाफा आपस में बांट लेते थे और वाहन चालक को इनाम में 25 हजार रुपये भी देते थे।
सूत्रों की मानें तो पकड़े गए आरोपितों ने पहले भी करीब दो बार इस तरह से सीरप की खेप लाकर बिक्री किए जाने के संकेत दिए हैं। जिसमें छह करोड़ से ज्यादा की कमाई की गई थी। हालांकि मास्टर माइंड के गिरफ्तार न होने से अभी कई रहस्य उजागर होना बाकी है। एसटीएफ व स्थानीय पुलिस मध्य प्रदेश में बने तस्करों के गोदाम तक पहुंचने के लिए सुरागरसी में जुटी है।
एसपी पलाश बंसल ने बताया कि छह माह पहले नशे के लिए कफ सीरप बिक्री किए जाने की सूचना मिली थी, जिसमें बिसंडा व अतर्रा थाने की टीम ने मास्टर माइंड प्रियांशु को पकड़कर पूछताछ की थी। उस समय कोई बरामदगी नहीं हुई थी। मामले की सूचना उस समय कोडीनयुक्त सीरप के लिए जांच कर रही एसटीएफ को भी दी गई थी। पहले कितना सीरप खपाया गया है। इसकी सही पुष्टि मास्टर माइंड के गिरफ्तार होने के बाद हो सकेगी।
मध्य प्रदेश की पुलिस ने भी की थी पूछताछ
नशे के लिए कफ सीरप की बिक्री की जानकारी होने पर छह माह पहले मध्य प्रदेश की पुलिस ने भी आरोपित प्रियांशु से पूछताछ की थी। लेकिन उस समय उन्हें भी कोई प्रमाण हाथ नहीं लगा था। इससे उसे छोड़ दिया गया था।
दर्ज मुकदमे में दिल्ली की गणेश फार्मा कंपनी का भी बढ़ाया गया नाम
एसटीएफ ने जो मुकदमा दर्ज कराया है उसमें चार गिरफ्तार व एक फरार आरोपित का नाम शामिल है। साथ ही दिल्ली की गणेश फार्मा कंपनी का नाम पता भी शामिल किया है। मुकदमे की विवेचना बेलगांव चौकी इंचार्ज एसआइ गौरव मिश्रा को सौंपी गई है। जांच के लिए पुलिस की एक टीम दिल्ली भी जांच के लिए जाएगी।
16 शीशियां सैंपल के लिए की गई सील, कार में मिली थीं दो शीशियां
- एसटीएफ की कार्रवाई में कार की डिग्गी में दो पेटियां सीरप की रखी मिली थीं। इससे कार की आठ व डीसीएम की आठ मिलाकर कुल 16 शीशियां सैंपल के लिए सील की गई हैं। जिनको जांच के लिए लखनऊ की औषधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है।
पुलिस की कड़ी निगरानी में कराया गया मेडिकल
जेल जाने के पहले पकड़े गए आरोपितों का पुलिस की कड़ी निगरानी में अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण कराया गया। इससे अस्पताल परिसर व आसपास काफी पुलिस बल तैनात रहा।
पकड़ी गई कार निजी अस्पताल के डाक्टर के नाम, हो रही जांच
एसटीएफ व पुलिस की सयुंक्त टीम द्वारा पकड़े गए अवैध कफ सीरप की जड़े कस्बे में बहुत गहरी हैं। घटना में प्रयुक्त जो कार (नेक्सान) पकड़ी गई है वह एक निजी अस्पताल के डाक्टर की होने की बात सामने आई है। दिल्ली से लाकर उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के इलाकों में कोडीन युक्त अवैध कफ सीरप की तस्करी करने वाले गिरोह के लोगों के गिरफ्तार होने के साथ मिनी ट्रक व कार (नेक्सान) पकड़ी गई थी, जो कि कस्बा के एक निजी अस्पताल के डाक्टर ने नाम दर्ज है। डाक्टर की कार का अवैध सीरप लाने में उपयोग होना अपने आप में कई सवालिया निशान लगा रही है। सूत्रों के मुताबिक इसमें कई लोग अलग अलग ग्रुप बना इस काले कारोबार को संचालित कर रहे हैं।
