विधायक अब्बास अंसारी और पत्नी निकहत के खिलाफ जारी होगा वारंट, कोर्ट ने दिए सख्त निर्देश
विधायक अब्बास अंसारी और पत्नी निकहत की चित्रकूट जेल में अवैध मुलाकात के मामले में भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में सुनवाई हुई।

HighLights
अब्बास-निकहत अवैध मुलाकात मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई।
न्यायाधीश ने सभी आरोपियों की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य की।
अनुपस्थिति पर वारंट जारी करने का सख्त आदेश दिया।
जागरण संवाददाता, बांदा। चित्रकूट जेल में निरुद्ध रहे मऊ जनपद के सदर सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक अब्बास अंसारी एवं उनकी पत्नी निकहत की अवैध मुलाकातों के मामले में गुरुवार को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में सुनवाई की तारीख रही, लेकिन जेलर संतोष कुमार को छोड़कर विधायक व उसकी पत्नी समेत तत्कालीन जेल अधीक्षक अशोक सागर सहित केस से जुड़ा अन्य कोई भी न्यायालय में पेश नहीं हुआ।
सभी की ओर से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया गया। इससे अगली तारीख दस सितंबर निर्धारित की गई है। जिसमें केस से संबंधित चार्ज तैयार किया जाएगा।
न्यायाधीश ने कड़ाई से आर्डर तैयार कराते आदेश पारित कराया है कि अगली तारीख में सभी आरोपित व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में पेश हों। किसी की भी हाजिरी माफी स्वीकार नहीं की जाएगी। पेशी में न आने पर वारंट जारी किए जाएंगे।
साथ ही जेल मुलाकात प्रकरण के समय चित्रकूट कारागार में तैनात रहे वार्डर को सेंट्रल जेल आगरा में निरुद्ध होने से पेशी में तलब करते हुए उपस्थित रहने के लिए निर्देशित किया गया है।
इसके लिए सेंट्रल जेल आगरा के अधीक्षक को पत्र जारी किया गया है। ज्ञात रहे कि अब तक सात बार ऐसा हो चुका है कि उक्त मामले में विधायक अब्बास और उनकी पत्नी निकहत कोर्ट में पेशी के दौरान नहीं आए हैं।
छापेमारी में खुला था मामला
यह मामला 10 फरवरी 2023 को उस समय उजागर हुआ था, जब चित्रकूट जेल में विधायक अब्बास और उनकी पत्नी निकहत के अवैध मुलाकात की शिकायत पर तत्कालीन जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से छापा मारा था। छापेमारी के दौरान अब्बास अंसारी की पत्नी निकहत जेल अधीक्षक के कक्ष में मिली थीं।
जांच में सामने आया था कि वह नियमों के विपरीत लंबे समय तक जेल परिसर में मौजूद रहीं। इस घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
मामले में जांच के दौरान कर्वी कोतवाली में विधायक अब्बास अंसारी, उनकी पत्नी निकहत, चालक ललक नियाज, तत्कालीन जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर, जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर चंद्रकला, जेल कैंटीन संचालक नवनीत सचान और सपा जिलाध्यक्ष फराज खान, शाहबाज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में शासन स्तर पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले की जांच की थी।
जिला अपर शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी ने बताया कि गुरुवार को भ्रष्टाचार निवारण चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने पेशी की अगली तारीख निर्धारित करते हुए कड़ा आदेश पारित कराया है।जिसमें केस से जुड़े सभी लोगों को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए निर्देशित किया गया है। जिससे मुकदमे से संबंधित चार्ज तैयार हो सके।
