Move to Jagran APP

चार माह में तैयार हो जाता है पंत-12 धान

By Edited By: Published: Wed, 03 Apr 2013 01:00 AM (IST)Updated: Wed, 03 Apr 2013 08:09 AM (IST)

बांदा, जागरण संवाददाता : खरीफ का सर्वाधिक क्षेत्रफल धान से आच्छादित होता है। किसान विभिन्न प्रजातियों के धान का बीज बोते हैं। जिसमें पंत-12 की खासी मांग रहती है। इसमें प्रति हे. 50 से 60 क्विंटल का उत्पादन तो होता ही है साथ ही 70 से 72 फीसद तक चावल निकलता है और यह करीब 4 माह में तैयार हो जाता है।

loksabha election banner

यूं तो खरीफ की शुरुआत मानसूनी वर्षा पर आधारित है। समय से बारिश शुरू हो गई तो खरीफ की किसानी भी समय पर ही शुरू हो जाती है। धान में पंत-12, नरेंद्र-97, पीवीटी-5204, पंत-10 जैसी प्रजातियों के बीज मंगा लिये गये हैं। कृषि विभाग के मुताबिक पंत-12 115-122 दिनों में तैयार होता है और इसकी पैदावार भी बेहतर रहती है। नरेंद्र-97, 85 से 90 दिन की अवधि लेता है और इसका उत्पादन 40 से 45 क्विंटल प्रति हे. होता है। इसमें भी 70 फीसदी चावल निकलता है। इसी प्रकार ज्वार में बुंदेला 110 से 115 दिन में तैयार होती है। सीएसबी-15, 105 से 120 दिन की अवधि लेती है। इसमें 38 से 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन की संभावना रहती है। हाइब्रिड-2 में 35 से 40 क्विंटल प्रति हे.उत्पादन की संभावना है।

---------------------

खरीफ का 1100 क्विंटल बीज आया

बांदा : खरीफ के लिए कृषि विभाग ने 1087 क्विंटल बीज मंगा लिया है। जिसमें 600 क्विंटल अकेले पंत-12 का बीज शामिल है।

कृषि विभाग के मुताबिक धान में पंत-12 के अलावा नरेंद्र-97 प्रजाति का 21.10 क्विंटल पीवीटी-5204 का 223.20 क्विंटल, पंत-10 का 60.30 ज्वार में बुंदेला का 100 क्विंटल सीएसवी-15 व हाइब्रिड-9 का 15-15 कुंतल, बाजरा में जेबीबी-2 का 3 क्विंटल न तिल में शेखर का 10, टाइप-78 का 20, सोयाबीन में पीएन-1020 का 10 व पीएन-1024 का इतना ही बीज प्राप्त हो चुका है।

'आगामी खरीफ सीजन के लिए धान, ज्वार, बाजरा, तिल व सोयाबीन का 1087 क्विंटल बीज प्राप्त हो चुका है। अभी और मिलना है। धान में पंत-12 जहां प्रति हे. 50 से 60 क्विंटल का उत्पादन देता है। वहीं नरेंद्र-97 में 40 से 45 क्विंटल प्रति हे.का उत्पादन मिलता है। इन दोनो प्रजातियों में 70 फीसद तक चावल निकलता है।'

उमेशचंद्र कटियार, उप कृषि निदेशक

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.