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यूपी में विशेष पंचायत पुरस्कार के लिए 15 सितंबर तक आवेदन का मौका, 50-50 लाख रुपये मिलेगा इनाम

Published: Sun, 06 Sep 2026 04:42 PM (GMT+05:30)Updated: Sun, 06 Sep 2026 05:01 PM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को मुख्यमंत्री विशेष पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार मिलेगा। 15 सितंबर तक आवेदन करने ...और पढ़ें

विशेष पंचायत पुरस्कार के लिए 15 सितंबर तक आवेदन का मौका।

विशेष पंचायत पुरस्कार के लिए 15 सितंबर तक आवेदन का मौका।

HighLights

  1. उत्कृष्ट पंचायतों को मिलेगा मुख्यमंत्री विशेष प्रोत्साहन पुरस्कार।

  2. 10 पंचायतों को मिलेंगे 50-50 लाख रुपये।

  3. आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित।

संवाद सूत्र, बलरामपुर। अपने ग्राम सभा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को बड़ा इनाम मिलेगा। मुख्यमंत्री विशेष पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में 10 पंचायतों को 50-50 लाख रुपये की धनराशि पुरस्कार के रूप में सीधे पंचायत के खाते में भेजी जाएगी। 15 सितंबर तक पंचायतों को आवेदन करना होगा।

जिला पंचायत राज अधिकारी अशोक कुमार सचान ने बताया कि मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत पिछले वर्ष उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रदेश की 10 ग्राम पंचायतों को विशेष पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया था। इसमें 10 विभिन्न निर्धारित क्षेत्राें में सराहनीय कार्य करने वाली पंचायतों को यह पुरस्कार दिया जाएगा।

यह पुरस्कार पंचायत सशक्तीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, घर-घर कचरा एकत्रित, स्वयं की आय (ओएसआर) सृजित करने,कामन सर्विस सेंटर के माध्यम से सर्वाधिक सेवाएं देने, मेरा तालाब मेरी योजना में श्रेष्ठ कार्य, आधार आइडी के माध्यम से सेवाएं प्रदान, तरल अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन, महिला नेतृत्व एवं सहभागिता में उत्कृष्ट व सर्वाधिक जैविक कृषि करने वाली पंचायत को शामिल किया जाएगा।

बताया कि ग्राम पंचायतों को सीएम अवार्ड पोर्टल पर लागिन कर आवेदन करना होगा। पहले बेसिक प्रश्नावली (20 अंक) भरनी होगी, जिसमें 60 प्रतिशत अंक लाने पर ही विशेष प्रश्नावली (80 अंक) भरने का मौका मिलेगा। एक पंचायत केवल एक ही श्रेणी में आवेदन कर सकती है।

जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति जांच करेगी। हर श्रेणी में सबसे ज्यादा अंक पाने वाली अधिकतम पांच पंचायतों का स्थलीय सत्यापन होगा। जनपद से अधिकतम 10 पंचायतें प्रत्येक श्रेणी से एक, मंडल स्तर पर भेजी जाएंगी।

मंडल स्तर पर मंडलायुक्त की समिति हर श्रेणी में तीन पंचायतों का सत्यापन कर एक का चयन करेगी। अधिकतम 10 पंचायतों की सूची राज्य स्तर पर भेजी जाएगी। यदि दो पंचायतों के अंक समान हुए तो अधिक जनसंख्या वाली पंचायत को वरीयता मिलेगी।

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