जागरण टीम : देहात कोतवाली क्षेत्र के कोड़री घाट पर पैर फिसल जाने से 21 वर्षीया गीता की राप्ती नदी में डूबकर मौत हो गई। उसका शव करीब छह घंटे बाद नदी से बाहर निकाला जा सका। उधर उतरौला कोतवाली क्षेत्र के थोथिवा गांव निवासी 20 वर्षीय नाजिम की नहर में नहाते समय डूबकर मौत हो गई।

देहात कोतवाली क्षेत्र के सेमरहना गांव के मजरे पंडितपुरवा निवासी छेदीराम ने बताया कि उसकी बेटी गीता रविवार सुबह पांच बजे गांव की महिलाओं के साथ मंदिर पर जल चढ़ाने के लिए निकली थी। राप्ती नदी के कोड़री घाट पर जल भरते समय उसका पैर फिसल गया। जिससे वह बीच धारा में चली गई। साथ गई महिलाओं ने उसे डूबता देख होहल्ला कर मदद के लिए गुहार लगाई। जिस पर आसपास के लोग घाट की तरफ दौड़ पड़े। देखते ही गीता नदी में समा गई। उसके डूबने की खबर सुनते ही परिजन रोते-बिलखते घाट पर पहुंचे। कोड़री घाट पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। गीता को खोजने के लिए गोताखोर नदी में कूदे। करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद पूर्वाह्न 11 बजे उसका शव मिल सका। प्रभारी निरीक्षक संजय नाथ तिवारी ने बताया कि मृतका के परिजनों ने कोई लिखित तहरीर नहीं दी है। श्रीदत्तगंज संवादसूत्र के अनुसार क्षेत्र के थोथिवा गांव निवासी नाजिम (20) पुत्र मुराद अली की नहर में डूबने से मौत हो गई। बताया जाता है कि मृतक की मुजहनी गुलालिकडीह के पास क्लीनिक है। रविवार को वह गांव स्थित नहर में नहाते समय अचानक डूबने लगा। शोर सुन कर लोगों ने उसे बाहर निकाला। हालत नाजुक देखते हुए परिवारीजन उसे उतरौला स्थित एक निजी नर्सिंग होम में ले गए। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। श्रीदत्तगंज चौकी प्रभारी अश्विनी कुमार दुबे ने बताया की परिवारीजनों ने कोई भी मामला लिखित रूप से नहीं दर्ज कराया है।

Posted By: Jagran

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