संवादसूत्र, बलरामपुर :

दो माह से जिला क्षय रोग विभाग में चल रही लड़ाई खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। गैंसड़ी से स्थानांतरण के बाद मुख्यालय पर डटे एसटीएस अंकित श्रीवास्तव पर शिकंजा कसने की कवायद में विभाग में जुट गया है। डीटीओ ने सीएमओ के आदेश की अवहेलना कर रहे एसटीएस को नोटिस थमाते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। क्षय रोग नियंत्रण विभाग में 14 मार्च से स्थानांतरण व संबद्धता के खेल में मरीजों की जिदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने गैंसड़ी के एसटीएस अंकित श्रीवास्तव का मुख्यालय पर स्थानांतरण कर दिया, लेकिन वह माह भर बिना चार्ज के ही ड्यूटी बजाता रहा। 12 अप्रैल को सीएमओ ने तीन-तीन दिन ड्यूटी गैंसड़ी व मुख्यालय पर लगा दी, लेकिन यह पत्र दब गया। 14 दिन तक स्थानांतरण पत्र सीएमओ कार्यालय में दबा रहा। पत्र मिला तो एसटीएस अंकित ने सीएमओ का आदेश मानने से ही मना कर दिया। डीटीओ ने मनमानी की रिपोर्ट दी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। फिर डीटीओ ने एसटीएस अजीत व अंकित को हटाने के लिए पत्र लिखा, लेकिन सीएमओ ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। अब हालत यह है कि दो माह से सीएमओ के आदेश पर भी एसटीएस अंकित श्रीवास्तव गैंसड़ी लौटने को तैयार नहीं है। फिर भी अफसर कार्रवाई से कतरा रहे हैं। बताया जा रहा है कि एसटीएस का रिश्तेदार पहले सीएमओ कार्यालय में लिपिक था। इस का हाल में तबादला हुआ है। इसी लिपिक के चलते एसटीएस सीएमओ के आदेश को भी कुछ नहीं समझ रहा है। डीटीओ सजीवन लाल का कहना है कि एसटीएस सीएमओ का भी आदेश नहीं मान रहा है। इसलिए अब उसे नोटिस देकर स्पष्टीकरण तलब जाएगा।

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