बलरामपुर : नीति आयोग की पहल पर अब गांवों में बने पंचायत भवनों को विकसित किया जाएगा। जर्जर काया वाले पंचायत भवनों को गांव का मॉडल बनाने की तैयारी है। रंग-रोगन करके उसे सजाया जाएगा। कंप्यूटर के साथ इंटरनेट की सुविधा से सुसज्जित किया जाएगा। जिले की हरैया ब्लॉक के शिवानगर को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित किया गया है। सब कुछ सही रहा तो जिले के अन्य गांवों में भी लर्निंग सेंटर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए डीपीआरओ को सम्मानित भी किया जाएगा।

जिले में 801 ग्राम पंचायतें है जिसमें से अधिकांश गांवों में पंचायत भवन बने हैं जो देखरेख के अभाव में जर्जर हो गए हैं। जिन गांवों में पंचायत भवन सही है, वहां भी खुली बैठकों का आयोजन नहीं होता है। पंचायत भवनों की बदहाली दूर करने के लिए नीति आयोग ने यह पहल की है। क्योंकि जिले में संचालित योजनाओं की निगरानी नीति आयोग कर रहा है। शिवानगर पंचायत भवन को विकसित करने के लिए पांच लाख रुपये दिया गया है। लर्निंग सेंटर बनने से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी, खतौनी, जाति, निवास, जन्म, मृत्यु व आय प्रमाण पत्र के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही युवाओं को रोजगार से जुड़ने की जानकारी नियमित मिलेगी। गांव आने वाले अधिकारी भी सेंटर से अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देंगे। मिलेगा सम्मान :

जिला पंचायत राज अधिकारी नरेश चंद का कहना है कि पहले चरण में शिवानगर का चयन किया गया है। ग्राम पंचायत को पांच लाख रुपये दिए जा चुके हैं। लोकसभा चुनाव के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका था। शीघ्र ही पंचायत भवन को संवारने का कार्य शुरू हो जाएगा। नीति आयोग ने अधिक गांवों में लर्निंग सेंटर स्थापित करने पर सम्मानित भी करेगी।

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Posted By: Jagran

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