बलरामपुर : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में गांव का जनप्रतिनिधि बनने में इस बार नए चेहरों ने अपनी पैठ बनाई है। गांवों के चहुंमुखी विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए युवा शक्ति इस बार न सिर्फ पंचायत चुनाव में कूदी, बल्कि 60 फीसदी युवाओं ने चुनाव जीत कर परचम भी लहराया। बदलाव की बयार में अच्छे-अच्छे दिग्गजों को धराशायी कर विकास के नाम पर राजनीति की नई परिभाषा गढ़ी। हरैया सतघरवा ब्लाक के 110 ग्राम पंचायतों में से 91 नए चेहरों ने जीत दर्ज की। इसमें से 40-45 विजेताओं की उम्र 40 से कम है जो युवा शक्ति को दर्शाता है। पढ़े लिखे लोगों को गांव की जनता ने प्राथमिकता दी। नए लोगों के सिर जीत का सेहरा बांध गांव की सरकार चलाने का मौका दिया। 110 में से 91 पद पर नए प्रधान :

हरैया सतघरवा ब्लाक में 110 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से छह अनुसूचित महिला, 11 अनुसूचित जाति, 10 पिछड़ी जाति महिला, 20 पिछड़ी जाति, 42 महिलाओं ने अनुभवी प्रतिनिधियों को शिकस्त देकर प्रधान बनी हैं। सिरैहिया से पवन कुमार, लक्ष्मणपुर गनवरिया में रूबी सिंह, अमवा में मीनू शुक्ला, सहिजना से राकेश श्रीवास्तव, लखौरा में माधवी सिंह, लौकीकला में गिरिजेश कुमारी शुक्ल, ललिया से राधादेवी, लालपुर विशुनपुर से अर्चना सिंह ने चुनाव जीता है। नवनिर्वाचित प्रधानों में गांव के विकास के साथ ग्रामीणों के लिए कुछ करने का उत्साह है।

रसोइया बनी प्रधान :

ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय भवनियापुर में रसोइया बुधना प्रधान बन गई हैं। पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित लखनीपुर से बुधना ने प्रधान पद का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। कहतीं हैं कि बच्चों की सेवा का फल मिला है। प्रधानी के साथ स्कूल की भी ड्यूटी करने का प्रयास करूंगी।