बलरामपुर : प्रदेश के ¨सचाई मंत्री धर्मपाल सिहं ने नरायनपुर मझारी व राजघाट ककरा में राप्ती नदी की कटान को रोकने के लिए किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। मंत्री ने नरायनपुर में कहाकि प्रदेश के 26 जिले अतिसंवेदनशील हैं। जहां बाढ़ से अधिक नुकसान होता है। जिसमें बलरामपुर भी है। राप्ती नदी जिन स्थानों पर अधिक कटान कर रही है। वहां नदी की धारा मोड़ने का कार्य किया जाएगा। सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों को 384 करोड़ रुपये दिए हैं। नदी की कटान से बेघर हुए लोगों को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाएगा। सरकार उनको घर बनाकर देगी। नदी और तटबंध के बीच में बसे तीन गांव नरायनपुर मझारी, नौबस्ता व रजवापुर को सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश को निर्देश दिया। तत्पश्चात कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहाकि प्रदेश के कई जिलों में छोटी-छोटी नदियां हैं। जिनका अस्तित्व ही खतरे में है। उनको बचाने के लिए योगी सरकार कार्य कर रही है। जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेकर जिले की विलुप्त हो रही छोटी नदी को संरक्षित करने का कार्य किया जाएगा। इसपर सांसद दद्दन मिश्र ने सुआंव नाला को संरक्षित करने की बात कही। डीएम कृष्णा करुणेश ने कटान प्रभावित क्षेत्रों में किए गए बचाव कार्यों की जानकारी दी। इसपर मंत्री ने कटान रोकने के लिए स्थाई परियोजना बनाने का निर्देश दिया। सदर विधायक पल्टूराम, उतरौला रामप्रताप वर्मा, जिलाध्यक्ष राकेश ¨सह, एसपी राजेश कुमार, बाढ़ खंड के आशेक कुमार ¨सह व अवनीश साहू मौजूद रहे। सदर विधायक ने दिया पत्र

- सदर विधायक पल्टूराम ने ¨सचाई मंत्री धर्मपाल ¨सह को पत्र देकर मुख्यमंत्री के आदेश पर राजघाट ककरा के निरीक्षण के लिए आई टीम ने कार्य को अस्वीकृत करने से तटबंध कटने की बात कही। साथ ही एमएलटीडी बांध के शहरी भाग को पक्का कराने, चंदापुर में पूरी लंबाई में कार्य कराने, बलरामपुर-भड़रिया का अधूरा कार्य पूर्ण व पिपराघाट ¨सगारजोत के पास नदी पुल को छोड़ अलग हो रही है। जिसे ठीक कराने की आवश्यकता है।

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