बलरामपुर पहुंचा 250 पहियों वाला 'महाबली' ट्रक, विशालयकाय बॉयलर को देखने के लिए लगा जमावड़ा; फिर कब शुरू होगी यात्रा?
लखीमपुर खीरी में देश के पहले पीएलए आधारित बायोप्लास्टिक संयंत्र के लिए विशाल बॉयलर ले जा रहा 250 पहियों वाला ...और पढ़ें
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HighLights
महाबली ट्रक 250 पहियों के साथ बलरामपुर पहुंचा।
लखीमपुर खीरी बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए बॉयलर।
164 टन वजनी उपकरण, धीमी गति से यात्रा जारी।
संवादसूत्र, उतरौला (बलरामपुर)। उत्तर प्रदेश की सड़कों पर लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचने वाला महाबली ट्रक बलरामपुर जिले में एंट्री कर चुका है। 250 पहिए वाले ट्रक को देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भीड़ एक बार फिर जुट गई, ऐसा आलम प्रदेश के कई जिलों में देखा गया है, जहां से ये ट्रक गुजर रहा था वहां पर लोगों का जमावड़ा लग जा रहा था। इस ट्रक से लखीमपुर खीरी के कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल परिसर में लग रहे पालीलैक्टिक एसिड (पीएलए) के बॉयलर को ले जाया जा रहा है। शनिवार सुबह बलरामपुर से निकलेगा।
ट्रक पर लदा है विशालकाय उपकरण
इस ट्रक पर 164.28 मीट्रिक टन वजनी विशाल औद्योगिक उपकरण लदा है जिसे बेल्जियम से मंगाया गया है। करीब 41 मीटर लंबे और 250 पहियों वाले महाट्रेलर के जरिए यह उपकरण लखीमपुर खीरी के कुंभी में स्थापित हो रहे देश के पहले पालीलैक्टिक एसिड (पीएलए) आधारित बायोप्लास्टिक निर्माण संयंत्र तक जाएगा।
अत्यधिक वजन के कारण ट्रक रोजाना दस से 15 किमी ही दूरी तय कर पा रहा है। रास्ते में बिजली के तार, फुट ओवरब्रिज और अन्य बाधाओं को अस्थायी रूप से हटाकर ट्रक को आगे बढ़ाया जा रहा है।
यूपी में कहां से एंट्री किया था?
308 पहियों वाला 'महाबली' ट्रक (मल्टी-एक्सल भारी-भरकम ट्रेलर) बिहार के रास्ते उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एंट्री किया था। बेल्जियम से लाया गया यह विशालकाय औद्योगिक बॉयलर ओडिशा, झारखंड और बिहार के रास्तों से होते हुए सबसे पहले चंदौली जनपद पहुंचा था।
महाबली ट्रक ने कब शुरू की थी यात्रा?
ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से लखीमपुर खीरी स्थित पीएलए (पोलि इलेक्ट्रिक एसिड) प्लांट में जाने के लिए ट्रेलर पांच महीने पहले अपनी यात्रा शुरू किया था। इसमें मल्टी एक्सल में कुल 308 पहिये थे, हालांकि बाद में पहियों की संख्या कम हो गई। इसके साथ 40 से 50 स्टाफ चल रहे हैं। जिनके लिए भोजन भी वाहन पर ही बन रहा है।
तीन हजार करोड़ से अधिक की परियोजना
लखीमपुर खीरी के कुंभी में बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड की ओर से लगभग 3,080 करोड़ रुपये की लागत से संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। यहां चीनी और उससे जुड़े अपशिष्ट पदार्थों से पीएलए आधारित बायोप्लास्टिक तैयार किया जाएगा। इससे देश में बायोप्लास्टिक का घरेलू उत्पादन बढ़ने और आयात पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
