आहट से ही पसर जाती है दहशत, हर रात अंधेरे में आ रहा शिकारी, यूपी के इन गांवों में तेंदुए का आतंक
बलरामपुर के जंगलवर्ती गांवों में तेंदुए की लगातार बढ़ती आमद से ग्रामीणों में दहशत है। तेंदुए ने सुदर्शनजोत, रमनगरा और अन्य गांवों में पशुओं का शिकार किया है।

सुदर्शनजोत गांव में झाड़ी में बैठा तेंदुआ। सौ. ग्रामीण
HighLights
बलरामपुर के गांवों में तेंदुए ने पशुओं पर हमला किया।
सुदर्शनजोत में ग्रामीणों ने झाड़ी में बैठे तेंदुए की तस्वीर ली।
वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की अपील की।
जागरण टीम, बलरामपुर। जंगलवर्ती गांवों में लगातार तेंदुए की आमद बढ़ रही है। रविवार की रात गैंसड़ी के खदगौरा में पशुशाला में तेंदुआ ने घुसकर हमला किया था। इसमें 88 भेड़ों की मौत हो गई थी।
सोमवार की रात ललिया के रमनगरा में एक पड़िया और महराजगंजतराई के सुदर्शनजोत गांव में चार भेड़ों का शिकार तेंदुआ ने किया है। यहां ग्रामीणों ने झाड़ी में बैठे तेंदुआ की फोटो मोबाइल में कैद कर ली। इस घटना के बाद से दोनों गांव में दहशत है। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
महराजगंज तराई के सुदर्शनजोत गांव में कई दिनों से तेंदुआ बराबर आ रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। प्रधान प्रतिनिधि राहुल चौरसिया ने बताया कि सोमवार रात करीब नौ बजे निवोरिया गांव में रामशंकर के बाग की तरफ से तेंदुआ आता है।
तेंदुआ अब तक गांव निवासी अतवारी, शांति देवी, छोटे, निब्बर के भेड़ों को अपना निवाला बना चुका है। इससे पहले दो कुत्तों को भी तेंदुआ ने शिकार बनाया था। प्रतिदिन तेंदुए के निकलने से रात होते ही ग्रामीण घर के अंदर कैद हो जाते हैं। ग्रामीणों ने पिंजरा लगवा कर तेंदुआ पकड़वाने की मांग विभागीय अधिकारी से की है।
अलीनगर गांव के राकेश सिंह, शिवनारायण सिंह, संतोष सिंह, प्रदीप सिंह ने बताया कि एक सप्ताह से गांव के दक्षिण तरफ तेंदुआ दिखाई पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। गांव के चारों तरफ गन्ने की फसल लगी होने के कारण खेत में छिप जाता है।
बीते दिनों साधु मौर्य व संतोष सिंह के पालतू कुत्ते को तेंदुआ घायल कर चुका है। वन क्षेत्राधिकारी प्रवीण तिवारी ने बताया कि तेंदुआ निकालने की सूचना मिली है। गांव में वन विभाग की टीम गई थी। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तेंदुआ के हमले में पड़िया की मौत
ललिया के गनवरिया रमनगरा में मंगलवार भोर तेंदुआ के हमला में गुरुदीन विश्वकर्मा की पड़िया (भैंस) की मौत हो गई। ग्रामीण अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि खेत जाते समय तेंदुआ ने उन्हें खदेड़ लिया, उन्होंने भागकर जान बचाई।
कलावती, अनीता और सुरेखा ने भी खेत जाते समय तेंदुआ के हमले के प्रयास की बात बताई। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ की लगातार मौजूदगी से लोग खेतों की तरफ जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और तेंदुआ पकड़वाने की मांग की है।
धामा चौरी छेदी पुरवा गांव में रविवार की रात तेंदुआ घर सामने बंधी बकरी को खींच ले गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ झाड़ी में चला गया है।
प्रधान प्रतिनिधि पटवारी यादव ने बताया कि दरोगा खान की बकरी को खींच ले गया। वन क्षेत्राधिकारी बनकटवा शत्रुघ्न लाल ने बताया कि वन कर्मियों की टीम मौके पर गई थी। ग्रामीणों को खेत की तरफ समूह में जाने की हिदायत दी गई है।
