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नेपाल में तनाव के बाद बलरामपुर के जरवा बॉर्डर पर सख्ती, कंप्यूटराइज्ड ID और फेस स्कैनिंग अनिवार्य

Published: Fri, 21 Aug 2026 01:48 PM (IST)

नेपाल में हालिया प्रदर्शनों के बाद बलरामपुर की जरवा सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है, जिससे सीमा पार आवागमन में कमी आई है।

जरवा चेक पोस्ट पर जांच करते एसएसबी जवान

जरवा चेक पोस्ट पर जांच करते एसएसबी जवान 

HighLights

  1. नेपाल प्रदर्शनों के बाद जरवा सीमा पर बढ़ी चौकसी।

  2. एसएसबी करती है सख्त आईडी, फेस रिकग्निशन, बैगेज जांच।

  3. सख्ती के कारण नेपाली वाहनों की आवाजाही में भारी कमी।

अमित श्रीवास्तव, बलरामपुर। नेपाल में हाल के प्रदर्शन के बाद सीमा पर चौकसी बढ़ गई है। सीमा पार आने और जाने वालों की जांच सख्त कर दी गई है। बलरामपुर के जरवा में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) जांच करती है। नेपाल से आने वाले लोगों का वहां की आईडी देखने के बाद उसका विवरण कंप्यूटर में फीड करते हैं।

इसके साथ फेस रिकगनिशन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। बैग व झोला में रखे सामान की जांच बैगेज स्कैनर मशीन से की जाती है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ही नेपाल से भारत में आने और यहां से जाने की अनुमति मिलती है।

जांच की सख्ती का असर भी दिख रहा है। इस सीमा से नेपालियों का आवागमन कम हुआ है। इसके पीछे नेपाल में बवाल के साथ मौसम को भी कारण माना जाता है।

सीमा पर जांच की गई सख्त

जरवा सीमा से नेपाल के कोयलाबास होते हुए गढ़वा, लमही, घोड़ाही, भालूबांग व तुलसीपुर से काठमांडू हाईवे से जुड़ता है। इस सीमा से अभी 25 हजार रुपये तक के ही भंसार की सुविधा है। इससे अधिक का कारोबार करने वाले लोग सिद्धार्थनगर के बढ़नी सीमा से आवागमन करते हैं।

भंसार और कस्टम ड्यूटी की सीमा तय होने के कारण इधर से मालवाहक वाहनों का आवागमन नहीं है। पिकअप और कार के साथ बाइक का आनाजाना है। देवीपाटन मंदिर दर्शन करके लौट रहे नेपाल के तुलसीपुर व घोड़ाही निवासी सिराज, निर्मला, पुष्कर राज, प्रकाश, संतोष और सोनू ने बताया कि कोयलाबास सीमा पर जांच प्रक्रिया में पहले की अपेक्षा अधिक समय लग रहा है।

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उनका कहना है कि लंबी प्रक्रिया के चलते इस रास्ते से आने में परेशानी होती है। नेपाल में बवाल होने के बाद से सीमा पर जांच में सख्ती कर दी गई है। बढ़नी सीमा पर भंसार और कस्टम कार्यालय बड़ा है। वहां कम समय लगता है। इसी कारण लोग खरीदारी के लिए बढ़नी सीमा से जाना पसंद कर रहे हैं।

वर्तमान में कोयलाबास सीमा से नेपाली वाहनों की आवाजाही काफी कम हो गई है। करीब एक माह में सिर्फ 14 चार पहिया और लगभग 100 मोटरसाइकिलें ही सीमा पार से यहां आई हैं। पहले 50-56 चार पहिया वाहन आते थे। 200 से अधिक मोटरसाइकिलें आती थीं।

                                                                        राहुल यादव, प्रभारी जरवा कस्टम चौकी