संवादसूत्र, बलरामपुर :

जिले भर में मकर संक्रांति का पर्व परंपरागत रूप से मनाया गया। शनिवार को राप्ती नदी के तट पर भोर में लोगों ने स्नान-दान किया। कई जगहों पर खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर पर महंत मिथलेश नाथ योगी ने मंदिर में स्थित गोरक्षनाथ की मूर्ति पर खिचड़ी चढ़ाकर पूजन-अर्चन किया। गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में भोर से ही खिचड़ी चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बिजलीपुर के निकट राप्ती नदी के सिसई घाट पर पहुंचकर लोगों ने स्नान कर खिचड़ी दान किया। गो माता को भी लोगों ने खिचड़ी खिलाई।

खिचड़ी भोज का हुआ आयोजन :

-नगर स्थित महाराजा पाटेश्वरी प्रसाद संस्कृत महाविद्यालय में खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ। प्रधानाचार्य देवमित्र त्रिपाठी ने कहा कि सहभोज से आपसी सौहार्द की भावना को बल मिलता है। शिक्षक योगेश कुमार मिश्र ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व एकरूपता व समरसता का वाहक है। शीत का प्रभाव कम करने के लिए सूर्य देवता मकर रेखा पर आकर संसार को ऊर्जा प्रदान करने के लिए तत्पर होते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक गोविद राम ने कहा कि हमें इस पर्व की महत्ता समझते हुए सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने की जरूरत है। डा. चंदन पांडेय ने कहा कि खिचड़ी या तिल का सेवन करना ही इस पर्व के लिए काफी नहीं है। बल्कि अनेक अवयवों को शामिल होने के बाद एक नाम से जानने के लिए यह संदेश है। प्रदीप कुमार पांडेय, अंकित श्रीवास्तव, अभिमन्यु तिवारी मौजूद रहे। हरिहरगंज बाजार में भी मकर संक्रांति के पर्व पर विशेष हवन-यज्ञ आयोजित कर सृष्टि के कल्याण की कामना की गई। अवनीश उपाध्याय बब्लू, अजय पांडेय, धर्मेंद्र मिश्र, राजकुमार गुप्त, नीरज मिश्र, वैभव, अनिल मिश्र मौजूद रहे।

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