बलरामपुर में युवक के साथ धोखाधड़ी, महिला ने 20 लाख में बेच दी दूसरे की जमीन
बलरामपुर में जमीन खरीदने के नाम पर 20 लाख रुपये की ठगी हुई है। धर्मावती ने कंचन मौर्या बनकर फर्जी दस्तावेजों से दूसरे की जमीन मो. इसरार को बेच दी।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
संवादसूत्र, उतरौला (बलरामपुर)। जमीन खरीदने के नाम पर 20 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जालसाज धर्मावती ने कंचन मौर्या बनकर फर्जी तरीके से बैंक खाता खुलवाया और दूसरे की जमीन का कूटरचित दस्तावेज तैयार कर मो. इसरार के नाम बैनामा कर दिया। जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे इसरार की मुलाकात जब असली भू-स्वामिनी कंचन मौर्या से हुई तो फर्जीवाड़े का पता चला। मामले में इसरार ने धर्मावती और उसके पति कौशल कुमार समेत पांच लोगों को नामजद किया है।
पीड़ित मो. इसरार ने बताया कि सलेमपुर में धर्मावती ने खुद को कंचन मौर्या बताते हुए उसके पक्ष में 22 मार्च 2022 को जमीन बैनामा कर दी। बैनामा से पहले उसने कथित कंचन मौर्या को चार लाख रुपये नकद दिए थे। इसके अलावा 21 मार्च 2022 को 10 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से भेजे गए। 23 मार्च को छह लाख रुपये और आरटीजीएस से भेजे गए। इस तरह कुल 20 लाख रुपये दिया।
बैनामा के बाद जब वह जमीन पर कब्जा लेने सलेमपुर गांव पहुंचा तो वहां असली भू-स्वामिनी कंचन मौर्या से मुलाकात हुई। कंचन ने बताया कि उसने अपनी जमीन किसी के नाम बैनामा नहीं की है। इसके बाद उसे पता चला कि धर्मावती ने उसके साथ धोखाधड़ी की है। धर्मावती के खाते में पहुंची रकम में से नौ लाख रुपये 22 मार्च को कौशल कुमार वर्मा व छह लाख रुपये कमलावती के खाते में 23 मार्च को भेजे गए।
वहीं सुभाष गुप्त के खाते में 22 मार्च को एक लाख रुपये भेजे जाने की बात सामने आई। इसरार का आरोप है कि जब उसने धर्मावती और उसके पति कौशल कुमार से रकम वापस करने को कहा तो दोनों ने गाली-गलौज की और दोबारा पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। प्रभारी निरीक्षक अवधेशराज सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर नामजद आरोपितों की तलाश की जा रही है।
