छांगुर के करतूतों की याद दिलाती नीतू की वीरान कोठी, नग बेचने वाले छांगुर ने विदेश तक फैलाई मतांतरण की विषबेल
बलरामपुर में नीतू की वीरान कोठी छांगुर के कारनामों की याद दिलाती है। नग बेचने वाले छांगुर ने मतांतरण के ...और पढ़ें

खंडहर में बदली नीतू की कोठी। जागरण
HighLights
नीतू की वीरान कोठी छांगुर के कारनामों की याद दिलाती
छांगुर ने मतांतरण के विषबेल को विदेश तक फैलाया
नग बेचने वाले छांगुर की संपत्ति की हो रही जांच
अमित श्रीवास्तव, बलरामपुर। मतांतरण के मास्टरमाइंड उतरौला के मधपुर निवासी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर का काला कारनामा जब सामने आया तो पूरा देश चकित रह गया। साइकिल से अंगूठी और नग यानि पत्थर बेचने की आड़ में छांगुर ने मतांतरण की विषबेल विदेश तक फैला दी।
विदेश से फंड लेकर ऐसा खेल शुरू किया कि उसने मधपुर को मतांतरण का अड्डा बना डाला। पांच जुलाई 2025 को छांगुर के साथ करीबी नीतू नवीन रोहरा के बाद अन्य लोगों की धरपकड़ सुरक्षा एजेंसियों ने की। इस प्रकरण में अब तक गिरफ्तार आठ लोग जेल में हैं।
छांगुर की सहयोगी नीतू नवीन की गिराई गई कोठी के मलबे उसकी राष्ट्र विरोधी करतूतों की याद दिलाते हैं। कोठी वीरान पड़ी है। परिसर में घास उग आई है। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद से परिवार के अन्य सदस्य भी कोठी देखने नहीं आए। पुलिस का भी पहरा अब नहीं हैं।
ऐसे शुरू किया छांगुर ने मतांतरण का खेल
गांव के लोग बताते हैं कि छांगुर पांच-छह वर्ष पहले तक अंगूठी और नग बेचता था। अचानक से उतरौला में राजशाही ठाठ से रहने लगा। उतरौला के लोग भी उसकी इस तरक्की से भौचक्के थे। पूरे उतरौला में जमीनों की खरीद-फरोख्त में उसने कदम बढ़ाया।
इसके बाद पीर बाबा बनकर लोगों को दुआएं देने लगा। उसने यह धन मतांतरण कराकर कमाया और विदेशी फंड भी हासिल करने का आरोप उस पर लग चुका है। छांगुर महाराष्ट्र के मुंबई में मशहूर हाजी अली दरगाह पर भी अंगूठी और नग बेचने जाता था।
एटीएस के गोमतीनगर थाने में वर्ष 2024 के अगस्त माह में 10 आरोपितों को नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ मतांतरण समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इसमें जलालुद्दीन उर्फ छांगुर पूरे गिरोह का मुखिया बताया गया। विवेचना में आरोपितों की संख्या बढ़ कर 18 पहुंच गई। इसमें एटीएस ने अलग-अलग स्थानों से आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाकी बाहर हैं।
गिरफ्तारी से ढाई माह पहले आई थी एटीएस व एसटीएफ
मतांतरण व दुष्कर्म के कथित आरोपित छांगुर पर एक दलित महिला से दुष्कर्म का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। 15 अप्रैल 2025 को लखनऊ के आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की संयुक्त टीम आरोपित के घर मधुपुर व उतरौला के रफीनगर स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर पहुंची थी।
टीम ने घर व प्रतिष्ठान पर गहनता से पड़ताल की थी। घटना वाले कमरे की जानकारी जुटाई थी। पीड़िता ने 2023 में अपने साथ दुष्कर्म होने की शिकायत पुलिस से की थी। उच्चाधिकारियों से न्याय की फरियाद की थी। एटीएस के निरीक्षक संतोष सिंह ने मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इसी मामले की जांच के क्रम में एटीएस व एसटीएफ की टीम ने आरोपित छांगुर की सहयोगी नसरीन के चांद औलिया दरगाह के बगल स्थित नए आवास पर भी छानबीन करने का प्रयास किया था, लेकिन मेन गेट न खुलने के कारण यहां से खाली हाथ वापस जाना पड़ा था। हालांकि छांगुर पर मनी लांड्रिंग, मतांतरण कराने के आरोप में भी मुकदमा दर्ज होने की बात सामने आई, जिसकी जांच ईडी और एसटीएफ कर रही थी।
काली कमाई से उतरौला से महाराष्ट्र तक ली जमीन
मतांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर, उसकी करीबी नीतू नवीन रोहरा उर्फ नसरीन पत्नी नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन के नाम उतरौला से लेकर पुणे महाराष्ट्र तक जमीनें जांच में सामने आई। इसमें उतरौला के मधपुर में सरकारी जमीन पर बनी कोठी गिराने की कार्रवाई की गई।
उतरौला नगर में तालाब की जमीन छांगुर ने लगभग एक करोड़ रुपये में 12 नवंबर 2023 को नीतू के नाम खरीदी थी। जबकि नगर पालिका के तत्कालीन ईओ ने एडीएम को 2022 में ही पत्र लिखकर इस तालाब की जमीन को पाटने से रोकने के लिए पत्र लिखा था।
इसके बाद भी छांगुर ने अपने पैसों के बल पर तालाब की जमीन हथिया ली। उतरौला नगर में दो शोरूम थे, जो सील हैं। छांगुर के पास मूल गांव रेहरामाफी में तीन हजार वर्ग फीट की जमीन है। यही नहीं, ग्राम कुनेनामा तहसील मावल जिला पुणे महाराष्ट्र में 16 करोड़ रुपये में जमीन का सौदा किया।
इस सौदे में सीजेएम कोर्ट में तैनात लिपिक राजेश उपाध्याय की पत्नी संगीता देवी को भी मुनाफे का कुछ हिस्सा दिए जाने का उल्लेख है। इसका जिक्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में है। इसी आधार पर न्यायालय लिपिक भी गिरफ्तार किया गया।
यह हुई कार्रवाई
- 16 नवम्बर 2024 एटीएस एफआईआर दर्ज
- पांच जुलाई 2025 को छांगुर की गिरफ्तार
- आठ से 10 जुलाई 2025 तक अवैध निर्माण (कोठी) ढहाने की कार्रवाई
- 17 जुलाई को बलरामपुर में 12 व मुंबई में दो स्थान पर ईडी ने की छापेमारी
- 28 जुलाई को ईडी ने रिमांड पर लिया
अरविंद और बब्बू ने ढहाया मतांतरण का किला
उतरौला के मधपुर से देश और विदेश तक फैले मतांतरण के जाल को उजागर करने को औरैया जिले के अशोकनगर बाबतपुर के अरविंद कुमार व उतरौला के चिचूढ़ी सहंगिया के बब्बू उर्फ वसीउद्दीन ने शिकायत की। अरविंद कुमार ने 2024 में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से शिकायत की।
यहीं से छांगुर के मतांतरण की परतें खुलनी शुरू हुईं। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की जांच में छांगुर के औरैया के साथ अन्य जिलों में भी गिरोह के सक्रिय होने की बात सामने आई। इस गिरोह में शामिल युवा नाम बदलकर हिंदू युवतियों और महिलाओं को जाल में फंसाते थे।
इसके बाद छांगुर से मिलवाकर मतांतरण कराते थे। एटीएस ने तीन से चार हजार लोगों को मुरीद बनाने की बात जांच में कही है। इसमें करीब 1500 महिलाएं शामिल होने की भी बात कही गई है।
ईडी के हाथ लगे कई अहम दस्तावेज
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी में छांगुर की करीबी नीतू की कोठी व शोरूम से कई चौंकाने वाले दस्तावेज हाथ लगे थे। इसमें हबीब बैंक एजह ज्यूरिख के खाते से लेनदेन का विवरण भी ईडी साथ ले गई थी। हबीब बैंक एजी ज्यूरिख की स्विट्जरलैंड समेत 11 देशों में शाखाएं हैं। ईडी को इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ की परीक्षण रिपोर्ट की प्रति मिली थी।
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