स्वतंत्रता सेनानियों व विभूतियों की स्मृतियां भी सींचेंगे अमृत सरोवर

पवन मिश्र, बलरामपुर: आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर जिले को मिलने जा रहे 75 अमृत सरोवर न केवल गांव के बेजुबानों का गला तर करेंगे, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों व गांव की महान विभूतियों से जुड़ी स्मृतियां भी सीचेंगे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम से बने इन सरोवरों के किनारे ग्रामीण पाली गई मछलियों का दीदार व नौका विहार का आनंद लेते हुए गांव के विकास व देश की आजादी में दिए उनके योगदान को याद कर गौरवान्वित होंगे। श्रीदत्तगंज के गिद्धौर में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडेय, खरदौरी में क्रांतिवीर पंडित चंद्रशेखर आजाद, पुरैना वाजिद में अशफाक उल्लाह, गुमड़ी में पंडित रामप्रसाद बिस्मिल व पिपरी कोल्हुई में सरदार वल्लभभाई पटेल, हरैया के लालपुर विशनुपुर में महात्मा गांधी के नाम से अमृत सरोवर बन रहा है, जो देश की आजादी में उनके योगदान की याद दिलाएगा। ग्राम पंचायत कपौवा शेरपुर में निर्माणाधीन सरोवर से पंडित अटल बिहारी वाजपेई, जिगना में पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम व धमौली में डा. भीमराव आंबेडकर की स्मृतियां सहेजी जाएंगी। ऐसे ही अन्य कई गांवों में शहीदों की याद में अमृत सरोवर बन रहे हैं, जहां ग्रामीण स्वतंत्रता सेनानियों के अभूतपूर्व योगदान को यादों में सहेज सकेंगे। गांव की विभूतियों को भी मिलेगी पहचान: -अमृत सरोवर गांव की उन विभूतियों को भी सम्मान दिलाएगा जिन्होंने गांव व समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन उनके बारे में लोग नहीं जानते हैं। तुलसीपुर की ग्राम पंचायत गुलरिहा में स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद याहिया खान, जहानडीह में स्वतंत्रता सेनानी छोटेलाल व जद्दापुर में बिंदेश्वरी सिंह के नाम से अमृत सरोवर बन रहा है। निर्माण के बाद सेनानियों व महत्वपूर्ण विभूतियों के नाम वाले अमृत सरोवर के किनारे उनकी शूरवीरों की प्रतिमा लगाने या उनसे जुड़ी स्मृतियों को शिलापट पर अंकित कराने की भी तैयारी की गई है। उपायुक्त मनरेगा सूबेदार सिंह ने बताया कि जिले मे 28 अमृत सरोवर तैयार हैं। इनका 15 अगस्त को उद्घाटन होगा। साथ ही 47 अन्य अमृत सरोवरों पर कार्य तेजी से चल रहा है।

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