जागरण संवाददाता, बलिया: कटहल नाले का गंदा पानी गंगा में न जाए, इसके लिए बायोरेमिडीएशन विधि से टीटमेंट का कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी भवानी ¨सह खंगारौत ने जल निगम के एक्सईएन कायम हुसैन के साथ शनिवार को इस कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य करने वाली कम्पनी के कर्मचारी से पूरे प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी ली। स्पष्ट कहा कि एग्रीमेंट के अनुसार कार्य नहीं हुआ तो लाखों का पेमेंट रोक दिया जाएगा। बहेरी के पास कटहल नाले के किनारे जाकर वैक्टिरिया को खत्म करने के लिए हो रहे डो¨जग कार्य का जायजा लिया। उन्होंने इससे जुड़े सवाल भी किए। मौके पर जल निगम के अधिशासी अभियंता कायम हुसैन ने बताया कि बहेरी में गिरे कटहल नाला पुल का मलबा हटाया जाना आवश्यक है। वजह कि उससे पूरी गंदगी वहां जमा हो गई है। जिलाधिकारी ने तत्काल मलबा हटवाने का निर्देश दिया।इस तरह गंदे पानी का हो रहा शोधनकटहल नाले के किनारे चार जगहों पर एंटी आक्सीजन बैक्टिरिया छोड़ कर कटहल नाले के गंदे पानी का शोधन करने का प्रयास हो रहा है। दो डम में बॉयोलॉजिकल कम्पाउंड में पर्सनिक्रिटी 713 केमिकल का पानी के साथ मिश्रण कर डो¨जग के सहारे कटहल नाले में डाला जा रहा है। इससे कटहल नाले के जल की बीओडी बॉयो ऑक्सीजन डिमांड और सीओडी केमिकल ऑक्सीजन डिमांड को कंटोल किया जा रहा है। इसके अलावा गायत्री शक्तिपीठ के सामने पुल के पास जाली के माध्यम से कचरे को रोककर मैनुअली बाहर निकालने का कार्य हो रहा है।

Posted By: Jagran

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