जागरण संवाददाता, बलिया : शासन की मंशा है कि हर आंगनबाड़ी केंद्र में शौचालय का निर्माण कराया जाए। इससे वहां काम करने वाली महिलाओं व बच्चों को सहूलियत मिले, लेकिन इस मंशा पर पानी फिर गया। जिम्मेदारों की लापरवाही से स्वच्छता अभियान को पलीता लग गया। 12.12 लाख रुपये भुगतान के बाद भी स्वच्छता अभियान परवान नहीं चढ़ सका। जिले में 80 ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्रों में 101 शौचालय बनाए जाने थे। इसके लिए मार्च 2021 में जिला पंचायतराज विभाग ने ग्रामपंचायतों के ग्रामनिधि में 12 हजार रुपये के हिसाब से भुगतान कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि अभी तक 39 केंद्रों में काम की शुरुआत भी नहीं हो सकी है। वहीं शेष स्थानों पर स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसको लेकर मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा ने सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए कार्य की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जिला पंचायतराज अधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव ने सभी सहायक विकास अधिकारियों को पत्र जारी कर काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में अब लापरवाही भारी पड़ सकती है। जिम्मेदारों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। जिले में 3471 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इसमें मिनी आंगनबाड़ी केंद्र 851 हैं। -------

सभी सहायक विकास अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देशित किया गया है। शीघ्र ही कार्य पूर्ण कराने की दिशा में पूरा प्रयास किया जा रहा है। जहां काम नहीं हो रहा उन जगहों के संबंधित अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।--अजय कुमार श्रीवास्तव, जिला पंचायतराज अधिकारी।

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