सिकंदरपुर (बलिया) : प्रधानमंत्री आवास योजना में घोर लापरवाही बरती जा रही है। लाभार्थियों से पैसे मांगने व पात्रों का नाम पात्रता सूची से कटने के बाद स्थानीय आमजनता में डूडा के अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जनता आवास आवंटन के नाम पर सुविधा शुल्क लेने व भ्रष्टाचार से तंग आ चुकी है।

आदर्श नगर पंचायत सिकंदरपुर में पात्रता की सूची जारी होने के बाद डूडा के कर्मचारियों की ओर से जांच कराई गई जिसमें घोर अनियमितता सामने आई है। कस्बे के लोगों व आदर्श नगर पंचायत के सभासदों ने उप जिलाधिकारी सिकन्दरपुर राजेश कुमार यादव को ज्ञापन सौंपा और जांच की मांग की। इसके बावजूद डूडा के उच्चाधिकारी अपने कर्मचारियों को बचाने में लगे हैं जबकि स्थानीय निवासियों की मानें तो जिन लोगों ने पात्रता सूची में शामिल होने के बाद भी पैसा नहीं दिया है तो उनके आवास की धनराशि उनके खाते में नहीं भेजी गई है।

कुछ लोगों को बिना आवास के ही भुगतान कर दिया गया है। इस प्रकरण को लेकर सभासदों में भी आक्रोश व्याप्त है। पिछले दो दिनों से डूडा के कर्मचारी स्थानीय कस्बे में जांच तो कर रहे हैं लेकिन यह पूरा मामला संदिग्ध नजर आ रहा हैं। इस संबंध में समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष खुर्शीद आलम ने आरोप लगाया कि डूडा के कर्मचारी व सभासदों की आपसी मिलीभगत से गरीब जनता से पैसा लेकर पात्रता सूची में इधर से उधर कर रहे हैं जबकि आज भी सौ से अधिक गरीब परिवार छप्पर के नीचे जीवन यापन कर रहें हैं। कहा कि अगर डूडा और नगर पंचायत के अधिकारी ईमानदारी से काम करें तो अभी भी सौ से अधिक पात्र व्यक्ति हैं जिनका नाम प्रधानमंत्री आवास की पात्रता सूची में दर्ज नहीं है।

पात्रता सूची में दर्ज हुस्नाबानो, जोन्हिया देवी,उषा देवी, लैला खातून,जुलेखा खातून, मीना देवी,राहुल कुमार,मुर्शिद अंसारी,पुष्पा देवी,मीना देवी,रेशमी देवी जिनका नाम भी पात्रता सूची में है, इनके खातों में पैसा नही भेजा गया है। इस सम्बंध में जब डूडा के अधिकारी डा महेंद्र राजभर से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ । सभासदों के घरों पर ही हो रही जांच

गुरुवार को पहुंचे डूडा के अधिकारी सभासदों के घरों पर बैठकर ही जांच कर अपनी सूची फाइनल करने में लगे रहे जबकि कस्बा निवासियों द्वारा सभासदों और डूडा के कर्मचारियों पर पैसा मांगने का आरोप पहले ही लगाया जा चुका है इस संदर्भ में डूडा का अधिक अधिशासी अधिकारी ने निर्देश दिया था कि कर्मचारी सभासदों से मिलकर पैसा वसूली का काम कर रहे हैं बावजूद इसके गुरुवार को सभासदों के घरों पर बैठ कर ही जांच को अंजाम दिया।

Posted By: Jagran

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