जासं, दोकटी (बलिया): त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नजदीक आते ही पंचायतों में अचानक विपक्ष की ओर से कई राजनीतिज्ञ सक्रिय हो गए हैं, जो सत्ता पक्ष द्वारा कराए गए विकास कार्यों पर टीका-टिप्पणी आरंभ कर दिए हैं। उन लोगों के कार्यशैली से ऐसा लगता है कि वे जनता के बहुत बड़े हमदर्द हैं और विकास से संबंधित समस्याओं के निदान के लिए आगे आ रहे हैं।

पहले चुनाव के समय अगर दो पक्ष चुनावी जंग में होते थे तो हारने वाला पक्ष पांच वर्षों तक जीतने वाले पक्ष की घोषणा को याद दिलाता था और उसे अमल कराने में भी अहम भूमिका निभाता था। अगर जनता से किए गए वादे से प्रतिनिधि मुकरता था तो जोरदार विरोध होता था कितु आज चुनाव के बाद विपक्ष का कहीं अता-पता नहीं है। चाहे उसके समर्थक पर कितनी भी बड़ी विपदा हो फिर भी उसके पक्ष में ़खड़ा होने को तैयार नहीं होते लेकिन चुनाव से एक साल पूर्व विपक्ष की भूमिका निभाने वाले दर्जनों नेता कमर कसकर मैदान में आ जाते हैं। उल्टी-सीधी बातें कर जनता को अपने पक्ष में करने में लग जाते हैं। जनता भी अब सतर्क हो चुकी है। इन नेताओं के कदम में कदम मिलाकर चलती तो जरूर है कितु करती अपनी मर्जी की है।

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