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पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त पर संकट, आजमगढ़ मंडल के 97 हजार लाभार्थी हो सकते हैं वंचित

Published: Sun, 20 Sep 2026 04:46 PM (IST)

आजमगढ़ मंडल में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 97,773 लाभार्थियों के मामलों का सत्यापन लंबित है, जिससे उनकी अगली किस्त ...और पढ़ें

मंडल में पीएम किसान सम्मान निधि के 97 हजार मामलों का सत्यापन बाकी।

मंडल में पीएम किसान सम्मान निधि के 97 हजार मामलों का सत्यापन बाकी।

HighLights

  1. आजमगढ़ मंडल में 97,773 पीएम किसान मामले सत्यापन हेतु लंबित।

  2. लाभार्थियों की अगली किस्त भूमि संबंधी अभिलेखों के कारण प्रभावित।

  3. शासन ने सितंबर अंत तक शत-प्रतिशत सत्यापन के दिए निर्देश।

जागरण संवाददाता, बलिया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त से पहले आजमगढ़ मंडल में 97 हजार 773 मामलों का सत्यापन बाकी है। इनमें आजमगढ़ के 56 हजार 634, मऊ के 23 हजार 127 और बलिया के 18 हजार 12 मामले शामिल हैं। इन मामलों में भूमि संबंधी अभिलेखों और लाभार्थियों के विवरण का सत्यापन कर जरूरी डाटा सुधार किया जाना है।

समय से सत्यापन नहीं होने पर किसानों के सम्मान निधि की अगली किस्त प्रभावित हो सकती है। इसे लेकर शासन ने सितंबर के अंत तक लंबित मामलों का शत-प्रतिशत सत्यापन और डाटा शुद्धीकरण पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।

पूर्व भूमि स्वामी के विवरण से जुड़े सबसे अधिक मामले

मंडल में लंबित मामलों में सबसे अधिक संख्या पूर्व भूमि स्वामी की पहचान संबंधी अधूरे विवरण वाले मामलों की है। आजमगढ़ में ऐसे 37 हजार 937, मऊ में 14 हजार 561 और बलिया में 11 हजार 528 मामले लंबित हैं।

तीनों जिलों में इस श्रेणी के कुल 64 हजार 26 मामले सत्यापन की प्रतीक्षा में हैं। पुराने और वर्तमान भूमि स्वामी के विवरण में अंतर वाले आजमगढ़ में 10 हजार 711, मऊ में पांच हजार 525 और बलिया में तीन हजार 294 मामले लंबित हैं।

वहीं विरासत के अलावा अन्य कारण से हुए नामांतरण से जुड़े आजमगढ़ में सात हजार 986, मऊ में तीन हजार और बलिया में तीन हजार 190 मामले सत्यापन के लिए बाकी हैं। मऊ में लाभार्थी के नाबालिग होने से जुड़े 41 मामले भी लंबित हैं।

ब्लॉक से जनपद स्तर तक तय होगी जिम्मेदारी

शासन ने लंबित मामलों के निस्तारण के लिए ब्लाक, तहसील और जनपद स्तर पर जिम्मेदारी तय कर प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ओपन सोर्स से जुड़े मामलों में तहसील और जिला स्तर पर अलग-अलग कार्रवाई तय की गई है।

पीएम किसान सम्मान निधि के लंबित मामलों के सत्यापन के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। लाभार्थियों को भी सत्यापन की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में जागरूक करने के लिए कहा गया है, ताकि पात्र किसानों के मामलों का समय से सत्यापन और डाटा सुधार कराया जा सके। -मनीष कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक, बलिया।

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