श्रावस्ती में निरक्षरों को साक्षर बनाने की बड़ी पहल, 640 केंद्रों पर 10 हजार अभ्यर्थियों ने दी साक्षरता परीक्षा
श्रावस्ती में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 640 केंद्रों पर साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें लगभग 10 हजार अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

640 केंद्रों पर 10 हजार अभ्यर्थियों ने दी साक्षरता परीक्षा।
HighLights
श्रावस्ती में 640 केंद्रों पर साक्षरता परीक्षा हुई।
लगभग 10 हजार अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
निरक्षरों को साक्षर व आत्मनिर्भर बनाने की पहल।
जागरण संवाददाता, श्रावस्ती। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत रविवार को तीनों ब्लाकों में बनाए 640 केंद्रों पर साक्षरता परीक्षा हुई। इसमें लगभग 10 हजार अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। परीक्षा को लेकर नवसाक्षरों में विशेष उत्साह एवं उमंग देखने को मिला।
बीएसए आकांक्षा रावत ने बताया कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम समाज के प्रत्येक व्यक्ति को साक्षर एवं सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसमें बड़ी संख्या में सहभागिता इस अभियान की व्यापकता और सफलता को दर्शाती है।
साक्षरता केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन के निर्णय स्वयं लेने, आवश्यक जानकारी समझने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करती है।
विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक निरक्षर व्यक्तियों को इस अभियान से जोड़कर उन्हें साक्षर बनाया जाए और साक्षरता के बाद भी उनके निरंतर सीखने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समंवयक अजीत कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के ऐसे वयस्कों को साक्षर बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए हैं।
इसके तहत केवल पढ़ना-लिखना ही नहीं, बल्कि व्यक्तियों को दैनिक जीवन में उपयोगी बुनियादी ज्ञान एवं कौशल से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
