जागरण संवाददाता, गड़वार (बलिया) : प्रशासन के नित नए फरमान से किसानों को गेहूं बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों द्वारा पहले क्रय केंद्रों से आसपास के गांवों को जोड़ा गया। गड़वार क्रय केंद्र पर 38 गांवों जोड़े गए। अब जनपद में किसानों को कहीं भी अपनी उपज बेचने की छूट दे दी गई है। ऐसे में दूरदराज के किसान भी किसान भी यहां पर अपना टोकन लगा रहे हैं।

-------------- 500 क्विंटल है गोदाम की भंडारण क्षमता :

अब तक कुल यहां 208 किसानों ने टोकन पंजीकरण करा लिया है। इस क्रय केंद्र के गोदाम की भंडारण क्षमता सिर्फ 500 क्विंटल है। सप्ताह में सिर्फ एक बार 250 क्वींटल गेहूं का उठान हो रहा है। इससे सप्ताह में किसानों से मात्र 200 से 250 क्विंटल गेहूं की खरीद ही संभव हो पा रही है।

अक्सर बन रही है तू-तू, मैं-मैं की स्थिति

स्थानीय किसान चितित हैं कि उनका गेहूं अभी तक घरों में पड़ा है। बिक्री की कोई संभावना दूर-दूर तक नहीं दिखाई दे रही है। किसानों व क्रय केंद्र प्रभारी में तू-तू, मैं-मैं की स्थिति उत्पन्न हो जा रही है। 26 किसानों से 1800 क्विंटल गेहूं की खरीद

क्रय केंद्र पर बीस दिनों के विलंब से 22 अप्रैल से खरीदारी शुरू की गई। 14 मई तक सिर्फ 26 किसानों से 1800 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। इसमें 900 क्विंटल गेहूं का उठान हुआ है। इसके सापेक्ष 90 फीसद किसानों का 15 जून तक गेहूं क्रय कर पाना संभव नहीं है।

साल भर इंतजार करते रह जाएंगे किसान

प्रतिदिन 10 से 20 किसानों द्वारा टोकन लगाया जा रहा है। खरीद की गति यही रही तो पूरे वर्ष भर केंद्रों के संचालन होने के बाद भी ज्यादातर किसान बिक्री से वंचित रह जाएंगे। प्रतिदिन गाड़ियां आएं तो बदलेंगे हालात :

साधन सहकारी समिति द्वारा संचालित गड़वार क्रय केंद्र के प्रभारी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि गेहूं उठान के लिए अगर वेयर हाउस की गाड़ियां प्रतिदिन आतीं तो खरीद में तेजी आ सकती है। दो से तीन दिन के बाद ही गाड़ियां आती हैं।