जागरण संवाददाता, बलिया : कोरोना महामारी ने परिषदीय विद्यालयों की पढ़ाई को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। गांवों में अभी भी बहुत से घरों में स्मार्टफोन नहीं हैं। इस वजह से बच्चे आनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। इस कमी को शासन ने करीब से महसूस किया और बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो इसके लिए अलग तरीका खोज निकाला। अब प्रेरणा साथी घर पर बच्चों का भविष्य संवारने में जुट गए हैं। प्रेरणा साथी आस-पास के कुछ बच्चों को इकट्ठा कर जिला व ब्लाक मुख्यालय से उपलब्ध वर्कशीट के अनुसार बच्चों को पढ़ाई के नए टिप्स दे रहे हैं। इससे हर गांव और घर में पठन-पाठन का माहौल बनते दिख रहा है।

बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्यवक नुरूल हुदा ने बताया कि जनपद में कुल 2250 परिषदीय विद्यालय हैं। एक विद्यालय पर 10 प्रेरणा साथी बनाए गए हैं। इस तरह जनपद में कुल 22500 प्रेरणा साथी बच्चों का भविष्य संवारने का कार्य कर रहे हैं।

--पढ़ने वाले छात्र ही बने प्ररेणा साथी

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में पढ़ रहे या पढ़ाई पूरी कर चुके छात्रों को ही प्ररेणा साथी बनाया गया है। इसमें वे छात्र भी अपनी सेवा दे सकते हैं, जो उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे या कर चुके हैं। चयनित किए जाने पर प्रेरणा साथी के मोबाइल में वर्कशीट भेजी जा रही है। दीक्षा एप, रिड एलोंग एप और प्रेरणा लक्ष्य एप को डाउनलोड कराया जाएगा।

कमजोर बच्चों की शिक्षा में सुधार का हो रहा प्रयास

कोरोना की वजह से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। उनकी अच्छी पढ़ाई हो इसके लिए छात्रों को ही प्रेरणा साथी चयनित किया गया है। कुछ जगहों पर चयन की प्रक्रिया जारी है। प्रेरेणा साथी पंजीकृत छात्रों को जहां भी सबसे ज्यादा पढ़ाई में दिक्कत होगी, वहां सहयोग करेंगे। कमजोर बच्चों की शिक्षा में भी सुधार कराने का हर संभव प्रयास जारी है।

-शिवनारायण सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी। -नंबर गेम

-2250 : परिषदीय विद्यालय

-22500 : प्रेरणा साथी

-298513 : परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या

-311743 : मान्यता प्राप्त बच्चों को लेकर कुल संख्या

Edited By: Jagran