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बिहार के बक्सर से गंगा में बहकर बलिया पहुंच गई सुनैना, 10 दिन बाद जिंदा मिली तो छलक पड़े अपनों के आंसू

Published: Tue, 15 Sep 2026 08:34 AM (IST)Updated: Tue, 15 Sep 2026 08:35 AM (IST)

बिहार के बक्सर से गंगा की तेज धारा में बह गईं 55 वर्षीय सुनैना देवी 10 दिन बाद बलिया के चैनछपरा में जीवित मिलीं।

बक्सर जिले के कपुरपट्टी गांव निवासी सुनैना देवी

बक्सर जिले के कपुरपट्टी गांव निवासी सुनैना देवी

HighLights

  1. बक्सर से गंगा की तेज धारा में बह गईं महिला।

  2. 10 दिन बाद बलिया के चैनछपरा में मिलीं जीवित।

  3. मछली पकड़ रहे मल्लाहों ने डूबने से बचाया।

जागरण संवाददाता, बलिया। ''जाको राखे साइयां, मार सके न कोय'' कहावत सोमवार को उस समय चरितार्थ हो गई, जब बिहार के बक्सर जिले से करीब 10 दिन पहले गंगा की तेज धारा में बह गईं 55 वर्षीय सुनैना देवी बलिया के चैनछपरा गांव के सामने जीवित मिल गईं।

बाढ़ के पानी के बीच कई दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने वाली महिला को मछली पकड़ रहे मल्लाहों ने डूबने से बचाकर बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पहचान होने पर परिजनों को सूचना दी। मां के जीवित मिलने की खबर सुनते ही परिवार के लोगों की आंखें भर आईं।

बक्सर जिले के कपुरपट्टी गांव निवासी जनार्दन गोंड की पत्नी सुनैना देवी करीब दस दिन पहले गंगा में स्नान के दौरान तेज धारा में बह गई थीं। स्वजन ने काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद बिहार में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

उधर, गंगा की धारा में बहते-बहते सुनैना किसी तरह चैनछपरा के सामने बाढ़ से घिरे परवल के खेत में बनी एक झोपड़ी तक पहुंच गईं। चारों ओर पानी होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सकीं और कई दिनों तक वहीं रहकर मदद का इंतजार करती रहीं।

घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी

उन्होंने बताया कि इस दौरान गंगा का पानी पीकर किसी तरह जीवन बचाए रखा। सोमवार सुबह सहायता की उम्मीद में वह झोपड़ी से बाहर निकलीं, लेकिन गहरे पानी में फंसकर डूबने लगीं। जान बचाने के लिए वह लगातार ''शिवगुरु-शिवगुरु'' पुकारती रहीं।

उनकी आवाज सुनकर पास में मछली पकड़ रहे मल्लाह दौड़ पड़े और काफी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। महिला के मिलने की खबर फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पुलिस उन्हें थाने ले गई, जहां पहचान के बाद परिजनों को सूचना दी गई।

सुनैना के तीनों बेटे राजू गोंड, जितेंद्र गोंड और कमलेश गोंड कई दिनों से मां की तलाश में जुटे थे। मां के सकुशल मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में खुशी और भावुकता का माहौल बन गया। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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