विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बल‍िया में हरिपुर मकान कब्जा प्रकरण में बड़ी कार्रवाई, तत्कालीन थानाध्यक्ष और मुख्य आरक्षी निलंबित

By Vns Milan K. Gupta Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 02 Nov 2026 06:27 PM (IST)

बलिया में हरिपुर मकान कब्जा विवाद में रिश्वत लेने के आरोप में तत्कालीन थानाध्यक्ष और मुख्य आरक्षी को निलंबित कर ...और पढ़ें

बलिया में मकान कब्जा विवाद में रिश्वतखोरी, थानाध्यक्ष और मुख्य आरक्षी निलंबित।

बलिया में मकान कब्जा विवाद में रिश्वतखोरी, थानाध्यक्ष और मुख्य आरक्षी निलंबित।

HighLights

  1. बलिया में मकान कब्जा विवाद में रिश्वत का आरोप।

  2. तत्कालीन थानाध्यक्ष, मुख्य आरक्षी तत्काल प्रभाव से निलंबित।

  3. वर्दी में रुपये गिनते मुख्य आरक्षी का वीडियो चर्चा में।

जागरण संवाददाता, बांसडीह (बलिया)। बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के हरिपुर गांव में मकान पर कब्जे के विवाद में रिश्वत लेकर मदद करने और दोनों पक्षों से रुपये लेने के आरोप में पुलिस अधीक्षक डा. इरज राजा ने बड़ी कार्रवाई की है।

एसपी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष वंश बहादुर सिंह और मुख्य आरक्षी माधवानंद सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रकरण में मुख्य आरक्षी का वर्दी में रुपये गिनते हुए कथित वीडियो सामने आने की चर्चा है। हालांकि पुलिस विभाग ने आधिकारिक तौर पर वीडियो की पुष्टि नहीं की है। लगभग 61 हजार रुपये रिश्वत लेने की बात सामने आ रही है लेकिन अभी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

कमरे में ताला लगाने से शुरू हुआ विवाद, अधिकारियों तक पहुंची शिकायत
28 सितंबर की शाम हरिपुर गांव के जितेंद्र सिंह और उनके परिवार के लोगों ने पम्मी गिरी को उसके कमरे से बाहर निकालकर उसमें ताला लगा दिया था। इसके बाद पीड़िता ने बांसडीह रोड थाने पहुंचकर शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर वह लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाती रही।

इसी बीच तत्कालीन एसपी ओमवीर सिंह का तबादला हो गया और डा. इरज राजा ने बलिया के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यभार संभाला। उधर, चार दिन पहले ही तत्कालीन थानाध्यक्ष वंश बहादुर सिंह का तबादला डीसीआरबी में हो चुका था और राजेश बहादुर सिंह ने बांसडीह रोड थाने की जिम्मेदारी संभाल ली थी।

नए एसपी से मुलाकात कर पम्मी गिरी ने अपनी आपबीती बताई तो उन्होंने नए थानाध्यक्ष को फटकार लगाते हुए तत्काल कमरा वापस दिलाने का निर्देश दिया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कथित कब्जेदारों द्वारा वीडियो बनाए जाने के कारण बिना कार्रवाई किए लौट आई।

इसके बाद दोबारा शिकायत मिलने पर एसपी ने सीओ बांसडीह को प्रकरण के निस्तारण की जिम्मेदारी सौंपी। राजस्व कर्मियों की मौजूदगी में कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन विवाद का समाधान नहीं निकल सका। बाद में पुलिस ने पम्मी गिरी की तहरीर पर जितेंद्र सिंह और उनके स्वजन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

दूसरे पक्ष की शिकायत के बाद रिश्वत के आरोप, कथित वीडियो बना कार्रवाई का आधार
मामले में नया मोड़ तब आया, जब गाजीपुर निवासी प्रमोद गिरी ने भी अपना दावा पेश किया। उनका आरोप है कि जितेंद्र सिंह जिस मकान में रह रहे हैं, वह वास्तव में उनका है और उनके पास इसके वैध दस्तावेज मौजूद हैं। पुलिस ने दो दिन पहले प्रमोद गिरी की तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज कर लिया।

इसी दौरान आरोप लगा कि मुख्य आरक्षी माधवानंद सिंह ने प्रमोद गिरी से रुपये लिए। इस लेनदेन का कथित वीडियो भी बनाए जाने की चर्चा है, जिसमें मुख्य आरक्षी वर्दी में रुपये गिनते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो एसपी को दिखाए जाने के बाद उन्होंने सीओ बांसडीह को जांच सौंपी।

हालांकि पुलिस विभाग की ओर से वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरक्षी ने लेनदेन के मामले में पूर्व थानाध्यक्ष वंश बहादुर सिंह को भी आरोपित बताया है। वजह यह बताई जा रही है कि मकान विवाद उनके कार्यकाल के दौरान का है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।