जागरण संवाददाता, बलिया : कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन व अस्पतालों की अव्यवस्था के कारण कइयों की सांसें थम गईं। इसके बाद भी प्रशासन अभी तक कोई ठोस पहल कर साल भर से अधिक समय से लगे सामानों को चालू नहीं करा सका। अगर यह चल जाए तो कइयों की सांसें चलने लगेंगी। शासन की तरफ से एक साल पहले ही ट्रामा सेंटर में पांच वेंटिलेटर लगाए गए। उम्मीद थी कि यह जल्द ही चालू हो जाएगा। इसके लिए सत्ता पक्ष के लोगों ने बलिया की जनता के लिए बेहतर सुविधा करार दिया था। अभी यह चालू ही नहीं हो सका, तब तक बसंतपुर स्थित एल-2 अस्पताल में 10 वेंटिलेटर लगा दिए गए। सब कुछ ठीक होने के बाद इसे चलाने वाले की तलाश होने लगी। टेक्नीशियन के अभाव के कारण अभी भी शो पीस बने हुए हैं। इसके लिए बकायदा प्रशिक्षण लेने के लिए चिकित्सक भी गए। फिर भी अभी तक चालू नहीं हो सका।

वेंटिलेटर चालू करने के लिए एक्सपर्ट स्टाफ की आवश्यकता पड़ती है। इसके चालू हो जाने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी।

-डॉ. बीपी सिंह, सीएमएस

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