जागरण संवाददाता, बैरिया (बलिया) : पिछले वर्ष 29 करोड़ रुपये की लागत से बने उदईछपरा-गोपालपुर-दुबेछपरा ¨रग बंधा पर खतरा मंडरा रहा है। जिस गति से कटान हो रहा है, उससे ऐसा लगता है कि कभी भी ¨रग बंधा टूट जाएगा और दर्जनों गांव एक बार फिर जलमग्न हो जाएंगे। बुधवार को बांध का लगभग 50 मीटर का किनारा कटान की चपेट में आ गया। हालांकि स्थानीय लोग व बाढ़ विभाग के मजदूर कटान को रोकने के लिए कटान स्थल पर लोहे की जाली में भरकर ईंट डालने के साथ-साथ पेड़ काटकर डाल रहे हैं। वहीं प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी भरकर भी कटान स्थल पर डालकर कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक कटान तीव्र गति से जारी था। कटान को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में भीड़ ¨रग बंधे पर जुट गई। लोगों को कटान स्थल से दूर रखने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। दूसरी तरफ चिल्ला- चिल्ला कर लोग कटानरोधी कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मौके पर मौजूद बाढ़ विभाग के एसडीओ सीएम शाही को भला-बुरा सुना रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि एसडीओ को बार-बार चेताया गया था कि क्षेत्रीय ठेकेदारों को कटानरोधी कार्य न कराने दिया जाए ¨कतु बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने अपने स्वार्थ वश इनसे कटान स्थल पर कार्य कराया। इसमें मानक की घोर लापरवाही का आरोप गांव के लोग लगा रहे थे।

--गांव के लोगों में है दहशत

¨रग बंधा टूटने की स्थिति को देख इसके घेरे के आधा दर्जन गांवों के लोगों में दहशत व्याप्त है। यह ¨रग बंधा कब कट जाएगा कहना मुश्किल है। बांध के घेरे में गोपालपुर, दुबेछपरा, उदईछपरा, प्रसादछपरा, बुधन चक, पांडेयपुर, गुदरी ¨सह के टोला, ¨चतामिण राय के टोला, मिश्र गिरि के मठिया, मिश्र के हाता सहित एक दर्जन गांव अधिक गांव जलमग्न हो जाएंगे। हजारों एकड़ क्षेत्रफल में खड़ी खरीफ की फसल भी बर्बाद हो जाएंगी।

इस संबंध में मौके पर मौजूद एसडीओ से पूछा गया कि पहले से कटानरोधी कार्य के लिए एहतिहात के तौर पर क्या तैयारी की गई थी। इस पर उनका जवाब था कि उम्मीद ही नहीं थी कि यहां कटान होगा। इसलिए कोई तैयारी नहीं की गई थी। मौके पर तहसीलदार बैरिया गुलाब चंद्रा, सीओ उमेश कुमार यादव, एसएचओ गगनराज ¨सह सहित पूरे सर्किल की फोर्स मौजूद थी। एनडीआरएफ की टीम को मौके पर तैनात किया गया है, जो बंधा टूटने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएंगे। इस बीच बैरिया-बलिया बंधे पर उदईछपरा-गोपालपुर- दुबेछपरा के लोग घास व जंगल साफ करके अपना आशियाना सुरक्षित करने के लिए तिरपाल आदि टांगने लगे हैं।

--¨रग बंधे में कई स्थानों पर आई दरार

दुबेछपरा ¨रग बंधे में एक दर्जन स्थानों पर दरार आ गया है। लोग ऐसी आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि पानी का दबाव बढ़ा तो पूरा ¨रग बंधा ही ध्वस्त हो जाएगा। ऐसी स्थिति में जन व धन की व्यापक क्षति की आशंका व्यक्त की जा रही है। लोगों का कहना है कि ठेकेदारों को ¨रग बंधे के निर्माण के लिए बाहर से कैरेज से मिट्टी लाकर ¨रग बंधा बनाना था ¨कतु पेटी कांट्रेक्टरों ने दबंगई दिखाते हुए वहीं बंधे के किनारे से बलुई मिट्टी काटकर ¨रग बंधा का कार्य करा दिया जो और भी घातक हो गया। अब सभी की नजर इसी स्थान पर टिकी है।

Posted By: Jagran