बलिया में जाति प्रमाण पत्र के लिए लेखपाल ने मांगी 50 हजार रुपये की रिश्वत, डीएम ने किया निलंबित
बलिया में जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में क्षेत्रीय लेखपाल संदीप ...और पढ़ें

बलिया में जाति प्रमाण पत्र रिश्वत मामले में लेखपाल निलंबित, डीएम ने दिए जांच के आदेश।
HighLights
जाति प्रमाण पत्र के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप।
क्षेत्रीय लेखपाल संदीप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर विभागीय जांच शुरू, भ्रष्टाचार पर कड़ी चेतावनी।
जागरण संवाददाता, बलिया। जाति प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर सोमवार शाम तहसील सदर के राजस्व ग्राम सुल्तानपुर के क्षेत्रीय लेखपाल संदीप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा उसके विरुद्ध विभागीय जांच के निर्देश है।
निलंबन अवधि में उन्हें तहसील बलिया के भूलेख कार्यालय से संबद्ध किया गया है। आदेश में कहा गया है कि सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वह मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। मामला सुल्तानपुर निवासी सुरेंद्र प्रसाद तुरैहा की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि तुरैहा जाति का प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए लेखपाल एवं अन्य राजस्व कर्मियों की ओर से प्रति आवेदन 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई।
शिकायत के साथ मोबाइल पर हुई बातचीत की दो आडियो रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराई गई थीं। तहसीलदार सदर की ओर से सोमवार को प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता ने पूर्व में जाति प्रमाण पत्र के लिए आनलाइन आवेदन किए थे। आवश्यक साक्ष्य और अभिलेख उपलब्ध नहीं होने के कारण उन आवेदनों को नियमानुसार पोर्टल पर आख्या सहित निस्तारित अथवा निरस्त कर दिया गया था।
शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराई गई दो आडियो रिकार्डिंग आठ अप्रैल 2026 और 17 सितंबर 2026 की बताई गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार रिकार्डिंग का प्राथमिक परीक्षण किया गया, लेकिन उसमें बातचीत करने वाले व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी। हालांकि शिकायतकर्ता ने दावा किया कि रिकार्डिंग में सुनाई दे रही आवाज क्षेत्रीय लेखपाल संदीप सिंह की है।
अधिकारियों को हिस्सा देने की भी कथित बातचीत
प्राथमिक जांच रिपोर्ट में आडियो में कथित तौर पर जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रति आवेदन 50 हजार रुपये की मांग और रकम का एक हिस्सा अधिकारियों को दिए जाने संबंधी बातचीत होने का उल्लेख किया गया है। रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर पैसे देने के बाद ऑनलाइन आवेदन कराने और अगले दिन बांसडीह कचहरी पहुंचाने की बात भी सामने आई है।
तहसीलदार ने मामले को राजस्व कर्मियों से जुड़े गंभीर भ्रष्टाचार और अवैध धन उगाही के आरोपों से संबंधित मानते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की आवश्यकता बताई। इसी आधार पर संबंधित लेखपाल को निलंबित करने और विभागीय जांच की संस्तुति की गई।
विभागीय जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
जिलाधिकारी के आदेश पर संदीप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध विभागीय जांच के लिए जांच अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जांच में शिकायत, आडियो रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।
कर्मचारियों को डीएम की कड़ी चेतावनी
जिलाधिकारी ने जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को हिदायत दी है कि सरकारी कार्यों के बदले किसी भी प्रकार की अवैध धनराशि मांगने या भ्रष्टाचार में संलिप्तता की शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में भी हलचल है। जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन करने वाले लोगों से नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कराने और किसी भी स्तर पर अवैध धन की मांग होने पर शिकायत करने की अपील की गई है।
