यूपी में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार बलिया के बयासी घाट पर, जानिए पूरा सियासी सफर
रसड़ा विधानसभा से बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया, जिससे पूरे बलिया ...और पढ़ें

उमाशंकर सिंह का निधन: बलिया में शोक, जानिए बसपा के इकलौते विधायक का पूरा राजनीतिक सफर।
HighLights
बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन।
रसड़ा विधानसभा से लगातार तीन बार रहे विधायक।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ था उनका सफर।
जागरण संवाददाता, बलिया। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के निधन की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन की खबर बुधवार रात आते ही समर्थकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रीय लोगों में गहरा दुख व्याप्त हो गया।
उमाशंकर सिंह बलिया जिले के नगरा ब्लाक के खनवर गांव के निवासी थे। वह लगातार तीन बार रसड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे और क्षेत्र के प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों में उनकी गिनती होती थी। लंबे समय से वह गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और उनका उपचार चल रहा था। उनके स्वास्थ्य को लेकर पिछले कुछ महीनों से लगातार चर्चाएं भी होती रही थीं।
निधन की सूचना की पुष्टि के बाद उनके आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। रसड़ा, नगरा सहित पूरे बलिया जिले में उनके समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी उनके निधन पर संवेदना प्रकट करते हुए इसे क्षेत्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
उमाशंकर सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में विकास कार्यों और जनसंपर्क के माध्यम से क्षेत्र में अलग पहचान बनाई थी। उनके निधन से रसड़ा विधानसभा क्षेत्र ने अपना एक सक्रिय जनप्रतिनिधि खो दिया है। अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम से संबंधित जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
सेवानिवृत्त सैनिक घुरहू सिंह के बड़े पुत्र
उमाशंकर सिंह स्नातक तक शिक्षित हैं। उमाशंकर सिंह का राजनीतिक सफरनामा छात्र संघ से शुरू हुआ और वे सतीश चंद्र महाविद्यालय बलिया से छात्रसंघ के महामंत्री बने। तत्पश्चात 2002-2003 में जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए। वर्ष 2012 में पहली बार से सक्रिय राजनीति में आए और बसपा की टिकट से चुनाव लड़े और लगभग 84 हजार से अधिक मत प्राप्त कर सपा प्रत्याशी सनातन पांडेय को ऐतिहासिक 52825 मतों से शिकस्त देकर विधायक निर्वाचित हुए।
उसके बाद 2017 के चुनाव में उमाशंकर सिंह ने लगभग 92272 मत प्राप्त कर भाजपा प्रत्याशी पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह को 33885 मतों से हराकर दूसरी बार विधायक बने। वर्ष 2022 में उन्होंने सपा-सुभासपा के सशक्त गठबंधन के बावजूद सुभासपा के प्रत्याशी महेंद्र चौहान को कड़े मुकाबले में 5 हजार से अधिक मतों से शिकस्त देकर तीसरी बार विधायक निर्वाचित घोषित किए गए।
विधायक उमाशंकर सिंह वर्ष 2012 से पूर्व छात्र शक्ति इंन्फ्रा कांट्रकशन संस्थान से सड़क निर्माण का कार्य करते रहे। विधायक बनने के बाद उन्होंने सड़क ठेका का कार्य उनके अनूज रमेश सिंह, पत्नी पुष्पा सिंह तथा बेटा युकेश सिंह करते चले आ रहे हैं। विधायक उमाशंकर सिंह प्रमुख समाजसेवी के रूप में विख्यात रहे और अपने युवा अवस्था में 600 से अधिक निर्धन कन्याओं का सामूहिक शादी कराकर ख्याति प्राप्त की।
